महात्मा गांधी आज भी प्रासंगिक: प्रधानमंत्री मोदी ने बताया उनके विचारों की ताकत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की प्रासंगिकता और उनके विचारों की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि गांधीजी न केवल 20वीं सदी के बल्कि 21वीं सदी और आने वाली सदियों के भी सबसे महान नेता हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उनकी प्रेरणा से दुनिया भर में सामाजिक परिवर्तन संभव हो रहा है।
महात्मा गांधी के जन आंदोलन का विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि किस तरह महात्मा गांधी का जन आंदोलन का विजन उनकी हर पहल को प्रेरित करता है। गांधीजी ने अपनी जन शक्ति की ताकत को पहचान कर देश की आजादी के संघर्ष को जन आंदोलन में बदलने की अद्भुत क्षमता दिखाई। मोदी ने कहा कि वह शुरू से ही महात्मा गांधी के जन आंदोलन से प्रेरित रहे हैं और उनके विचारों से प्रेरणा लेकर कई पहलों की शुरुआत की है।
गांधीजी के विचारों से मिली प्रेरणा
अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट इंटरव्यू में पीएम मोदी ने बताया कि महात्मा गांधी हमेशा हर पहल में अधिक से अधिक लोगों को शामिल करने की कोशिश करते थे ताकि वह एक जन आंदोलन का रूप ले सके। उन्होंने कहा कि समाज की सामूहिक शक्ति असीम होती है और इसी सिद्धांत पर उनके द्वारा शुरू की गई कई योजनाएं भी आधारित हैं।
गांधीजी ने जो कहा उसे जीने की कोशिश की: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मेरा जन्म गुजरात में हुआ, मेरी मातृभाषा गुजराती है। महात्मा गांधी का जन्म भी गुजरात में हुआ और उनकी मातृभाषा भी गुजराती थी। उन्होंने कई अवसरों को छोड़कर देश की आजादी के आंदोलन में शामिल होने का कठिन रास्ता चुना। आज भी महात्मा गांधी का प्रभाव किसी न किसी रूप में पड़ता ही है। गांधीजी ने जो बातें कहीं, उसे जीने का मैं भी प्रयास करता हूं।”
जन आंदोलन से प्रेरित कई पहलें
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि महात्मा गांधी के जन आंदोलन से प्रेरित होकर उन्होंने कई योजनाएं चलाईं, जिनमें स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और हर घर जल योजना शामिल हैं। इन सभी योजनाओं में जनभागीदारी ने ही इन्हें सफल जन आंदोलनों का रूप दिया।
गांधीजी के विचारों की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है
पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सामूहिकता और जन शक्ति की ताकत को पहचाना और उनके विचार आज भी समाज में बड़े परिवर्तन ला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को हर काम करने की जरूरत नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक शक्ति असीम होती है और यही ताकत असली बदलाव ला सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि महात्मा गांधी के विचार और उनके सिद्धांत आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने कि पहले थे।





