Maha Rudrabhishek: बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में उमड़ा शिव भक्तों का सैलाब,
1108 पार्थिव शिवलिंगों का सामूहिक रुद्राभिषेक

न्यायधानी बिलासपुर का साइंस कॉलेज मैदान रविवार को शिवमय हो गया। (Maha Rudrabhishek) देवाधिदेव महादेव की असीम अनुकंपा और लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ रविवार को यहां भव्य सामूहिक महा रुद्राभिषेक का अनुष्ठान संपन्न हुआ। श्रीचक्र महामेरू पीठाधिपति अनंतश्री विभूषित सच्चिदानंद तीर्थ महास्वामी जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों शिव भक्तों ने एक साथ महादेव की आराधना की। इस धार्मिक महाकुंभ में जहां वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण गुंजायमान रहा, वहीं महास्वामी जी ने सनातन धर्म की एकता और धर्मांतरण की चुनौतियों पर समाज को जागृत करने वाला संदेश भी दिया…

महास्वामी सच्चिदानंद तीर्थ का धर्मांतरण पर बड़ा बयान- ‘हम पहले हिंदू हैं, एक होना ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति
18 जनवरी की दोपहर जैसे ही घड़ी की सुइयों ने 3 बजाया, बिलासपुर का सरकंडा इलाका ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। 1108 पार्थिव शिवलिंगों के पूजन के लिए साइंस कॉलेज मैदान को विशेष रूप से सजाया गया था। भगवान श्री राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर हुए इस विशाल आयोजन में श्रद्धालु सुख-शांति और समृद्धि की कामना लेकर पहुंचे थे। सामूहिक रुद्राभिषेक के दौरान जब हजारों कंठों से एक साथ वैदिक मंत्रों का उच्चारण हुआ, तो पूरा परिसर कैलाश की तरह प्रतीत होने लगा।
महास्वामी सच्चिदानंद तीर्थ जी महाराज ने इस अवसर पर भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जिस तरह एक संतान के माता-पिता एक होते हैं, वैसे ही धर्म भी एक ही होता है। उन्होंने कड़े शब्दों में धर्मांतरण को रोकने की अपील करते हुए कहा कि वर्ण व्यवस्था से पहले हम सभी हिंदू हैं और आज के समय में हमारा एकजुट होना ही धर्म की सबसे बड़ी सेवा है…..
आसमान में सतरंगी रोशनी और पटाखों की गूंज ने पूरे माहौल को उत्सव के उमंग से भर दिया, (Maha Rudrabhishek)
अनुष्ठान की पूर्णाहूति के समय भक्ति का जो दृश्य देखने को मिला, उसने श्रद्धा और उत्साह की पराकाष्ठा को छू लिया। पूजन की समाप्ति पर साइंस कॉलेज मैदान में भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया। आसमान में सतरंगी रोशनी और पटाखों की गूंज ने पूरे माहौल को उत्सव के उमंग से भर दिया। श्रद्धा की इस बयार के बीच हुई आतिशबाजी ने न केवल शिव भक्तों का मन मोह लिया, बल्कि पूरे बिलासपुर शहर को यह संदेश दिया कि आस्था का यह दीप सदैव प्रज्ज्वलित रहेगा। आयोजन समिति के सदस्यों ने इस सफल आयोजन के लिए सभी शिव भक्तों का आभार व्यक्त किया, वहीं श्रद्धालुओं ने भी इस दिव्य अनुभव को अपने जीवन का सबसे स्मरणीय क्षण बताया……





