शराब दुकान बनी स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत, व्यापारियों ने की हटाने की मांग

कोरबा। पुराने शहर के गीतांजलि भवन के सामने स्थित शराब दुकान स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। यहां रोजाना शराब पीने वालों की भीड़ जमा होती है, जिससे इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल बिगड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि शराबी सड़क पर खुलेआम मारपीट और गाली-गलौज करते हैं। सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को झेलनी पड़ती है, क्योंकि शराबी आए दिन उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। कई बार छेड़छाड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं, लेकिन लोकलाज के कारण महिलाएं थाने में शिकायत दर्ज नहीं करातीं।
शराब दुकान के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है। शराब खरीदने आने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। इतना ही नहीं, कई लोग दुकान के पास ही शराब पीने लगते हैं। वे पुराना बस स्टैंड, मधु स्वीट्स गली और गौरीशंकर मंदिर गली जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी शराब का सेवन करते हैं।
यह क्षेत्र नगर निगम के वार्ड 6 और 13 के अंतर्गत आता है, जहां व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आवासीय क्षेत्र दोनों स्थित हैं। ऐसे में लोगों की समस्या और बढ़ जाती है।
इन सभी समस्याओं को देखते हुए मध्य नगर व्यापारी संघ ने मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक, आबकारी आयुक्त और नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि दुकान को हटाने से इलाके में शांति और सुरक्षा बहाल की जा सकेगी।





