रायपुर:चार संतान की जानकारी छुपाने पर व्याख्याता नवरतन जायसवाल बर्खास्त, लोक शिक्षण संचालनालय ने की सख्त कार्रवाई

रायपुर, 7 अप्रैल 2025 छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय ने शासकीय हाई स्कूल सोन, मस्तूरी विकासखंड में पदस्थ व्याख्याता नवरतन जायसवाल को चार जीवित संतान की जानकारी छिपाने के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत की गई है। जायसवाल की नियुक्ति वर्ष 2011 में शिक्षाकर्मी वर्ग-01 के रूप में हुई थी, जिसमें उन्होंने नियुक्ति प्रपत्र में केवल दो संतान होने की जानकारी दी थी।
परंतु विभागीय जांच में यह खुलासा हुआ कि उनके चार जीवित संतान हैं और इनमें से दो का जन्म 26 जनवरी 2001 के बाद हुआ है, जो कि नियमानुसार सरकारी सेवा के लिए अयोग्यता का आधार है। शिकायत मिलने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने विभागीय जांच शुरू की। जांच के दौरान जायसवाल ने अपने पक्ष में यह दलील दी कि उन्होंने सामाजिक गोदनामा के माध्यम से दो संतान सौंप दिए हैं, लेकिन संचालनालय ने इस दलील को अस्वीकार कर दिया। मामले की जांच पहले जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर और फिर संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा की गई, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में नवरतन जायसवाल को दोषी पाया।
लगभग तीन साल तक चली जांच प्रक्रिया के बाद संचालनालय ने 3 अप्रैल 2025 को नवरतन जायसवाल की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। जांच के दौरान जायसवाल को अपने पक्ष रखने के कई अवसर दिए गए थे, परंतु आरोप प्रमाणित होने के कारण विभाग ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इस निर्णय को लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा नियमों के उल्लंघन के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति के रूप में देखा जा रहा है, जो कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी चेतावनी स्वरूप है।





