शिंदे आवास पर देर रात मंथन, बागियों की वापसी से महायुति को 15 सीटों पर बढ़त

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित आवास पर बागी उम्मीदवारों को मनाने के लिए बैठकों का दौर चला। इन बैठकों में महायुति के नेताओं ने अपक्ष उम्मीदवारों और नाराज कार्यकर्ताओं से संवाद कर नामांकन वापस दिलाने की रणनीति पर चर्चा की। उद्देश्य गठबंधन को संभावित नुकसान से बचाना और चुनावी समीकरण को मजबूत करना रहा।
बैठक में भाजपा ठाणे शहर जिलाध्यक्ष संदीप लेले और ठाणे चुनाव प्रभारी विधायक निरंजन डावखरे ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के उपायों पर विचार किया। बताया गया कि पिछली बार गठबंधन नहीं होने के कारण 125 वार्डों में चुनाव लड़ा गया था, जबकि इस बार गठबंधन बनने से यह संख्या घटकर करीब 40 रह गई है। दोनों दलों के कुल 3035 स्थानों पर उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से कई से संपर्क किया जा चुका है और कुछ ने नामांकन वापस भी ले लिया है।
नेताओं का कहना है कि शुक्रवार तक अधिकांश बागी उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकते हैं। संकेत दिए गए हैं कि भाजपा और शिवसेना के कुछ उम्मीदवार बिना विरोध भी निर्वाचित हो सकते हैं। अपक्ष फॉर्म भर चुके महायुति समर्थक उम्मीदवारों को समझाने का प्रयास लगातार जारी है, ताकि कार्यकर्ताओं और पार्टी—दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।
इसी क्रम में शिंदे के निवास पर अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी संभावित चुनावी गणित बिगाड़ने वाले अपक्ष उम्मीदवारों से नामांकन वापस लेने की अपील की। चर्चा के दौरान शिवसेना और भाजपा की कुछ सीटों पर निर्विरोध जीत की संभावना पर भी विचार हुआ।
जानकारी के अनुसार, केडीएमसी समेत राज्य की अन्य महापालिकाओं में महायुति ने बढ़त बनाई है। भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के गठबंधन को कुल 15 सीटों पर निर्विरोध जीत की राह खुलती नजर आ रही है, जिससे आगामी चुनावों में गठबंधन की स्थिति और मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं।





