सिक्किम में लैंडस्लाइड, आगरा में 47 साल बाद बाढ़; हिमाचल में बारिश से 380 मौतें

दिल्ली। सिक्किम, आगरा और हिमाचल में बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। वेस्ट सिक्किम के यांगथांग के अपर रिंबी इलाके में शुक्रवार रात हुए लैंडस्लाइड में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग अब भी लापता हैं। सामने आए वीडियो में नदी की तेज धारा में फंसे लोगों का रेस्क्यू अभियान जारी है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में 47 साल बाद इतनी बड़ी बाढ़ आई है। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने से 25 कॉलोनियां और 40 गांव डूब गए हैं। ताजमहल के पीछे बना पार्क पूरी तरह पानी में डूब गया है और उसकी बाउंड्री तक पानी पहुंच गया है। करीब 5 हजार लोग राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आगरा में 1978 के बाद यह सबसे भयानक बाढ़ है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश और बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। 20 जून से अब तक यहां 380 लोगों की जान जा चुकी है और 40 लोग लापता हैं। सबसे ज्यादा 48 मौतें लैंडस्लाइड में हुईं, जबकि बादल फटने की घटनाओं में 17 लोगों की जान गई। वर्तमान में 3 नेशनल हाईवे और 500 से ज्यादा सड़कें बंद हैं।
उधर, उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी गंगा और यमुना उफान पर हैं। फर्रुखाबाद में गंगा स्टेट हाईवे पर बह रही है, वहीं उन्नाव और वृंदावन में कई गांव जलमग्न हैं। बिहार और हिमाचल में मौसम विभाग ने बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में भी औसत से 10% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। देश के कई राज्यों में बाढ़ और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।





