ठगी:जमीन घोटाले में जमीन दलाल की जमानत याचिका खारिज, पुलिस के हाथ अब भी खाली

बिलासपुर। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन बेचकर रिटायर्ड सहायक आयुक्त से 1 करोड़ 75 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में जमीन दलाल विकास मांझी की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। वहीं, पुलिस अब तक अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
उसलापुर अल्का एवेन्यू निवासी और सेवानिवृत्त आदिवासी विभाग सहायक आयुक्त अमरचंद बर्मन से यह ठगी की गई। सिंधी कॉलोनी निवासी राजकुमार उर्फ राजू बजाज, नेहरू नगर गीतांजलि विहार निवासी विकास मांझी और राजेश पांडेय ने पटवारी सुरेश सिंह ठाकुर की मिलीभगत से रिंग रोड-2 की जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार किया। इसके बाद उन्होंने अमरचंद बर्मन को नकली दस्तावेज दिखाकर 1.75 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
जमानत याचिका खारिज, आरोपी अब भी फरार
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जमीन दलाल विकास मांझी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विकास मांझी ने जिला न्यायालय में जमानत के लिए याचिका लगाई, लेकिन अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे खारिज कर दिया।
हालांकि, पटवारी सुरेश सिंह ठाकुर और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि वह लगातार उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन आरोपी अभी भी फरार हैं।
पुलिस पर उठ रहे सवाल
लगातार 11 दिन बीतने के बाद भी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित और उनके परिवार ने पुलिस से जल्द न्याय की मांग की है। पुलिस का दावा है कि वह जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी।





