कीर्तिमान सिंह राठौर पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप, सरकार ने दिया ACB जांच का निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने भ्रष्टाचार के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पूर्व अनुभागीय अधिकारी कीर्तिमान सिंह राठौर के खिलाफ जांच की अनुमति दे दी है। राठौर बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में राजस्व और भू-अर्जन अधिकारी के पद पर पदस्थ थे।
सरकार की ओर से यह मंजूरी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दी गई है। दरअसल, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW/ACB) ने राठौर के खिलाफ प्राथमिक जांच की थी। इस दौरान भू-अर्जन संबंधी कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कई तथ्य सामने आए। इन प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर विभाग ने राज्य सरकार से आगे की जांच की अनुमति मांगी थी।
सरकार ने अनुमति जारी करते हुए साफ कहा है कि भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराध में संलिप्त पाए जाने पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। अब ACB इस मामले में पूरी तरह जांच कर रिपोर्ट पेश करेगा।
सूत्रों के अनुसार, जांच में भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं में गड़बड़ी, मुआवजा राशि के वितरण और फाइलों के निस्तारण में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। सरकार का कहना है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह सेवानिवृत्त अधिकारी ही क्यों न हो।
इस कदम को प्रदेश में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से एक ओर जहां प्रशासनिक व्यवस्था पर आम जनता का भरोसा बढ़ेगा, वहीं यह संदेश भी जाएगा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





