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जियो हॉटस्टार ने ICC को दिया बड़ा झटका, 27 हजार करोड़ की डील अटकी

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को 2026 में भारत में होने वाले पुरुष टी20 विश्व कप से पहले बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियोस्टार ने ICC को आधिकारिक रूप से सूचित किया है कि भारी वित्तीय नुकसान के चलते वह भारत मीडिया-राइट्स डील के बचे हुए दो वर्षों का संचालन जारी नहीं रख पाएगा। इस डील की कुल वैल्यू लगभग 27,000 करोड़ रुपए आंकी गई थी।

ICC ने अब 2026 से 2029 तक के लिए भारत के मीडिया राइट्स की नई बिक्री प्रक्रिया शुरू कर दी है और करीब 2.4 बिलियन डॉलर की मांग रखी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ICC ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI), नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो से संपर्क किया है, लेकिन कीमत संबंधी चिंताओं के कारण किसी ने अभी तक ठोस रुचि नहीं दिखाई है।

जियोस्टार का बढ़ता घाटा

जियोस्टार ने 2024-25 में खेल कॉन्ट्रैक्ट्स पर संभावित नुकसान के प्रावधान को दोगुना से अधिक बढ़ाते हुए 25,760 करोड़ रुपए कर दिया है। इससे पहले यह आंकड़ा 12,319 करोड़ रुपए था। यह बढ़ा हुआ प्रावधान लंबी अवधि वाले स्पोर्ट्स राइट्स से हो रहे वित्तीय दबाव को दर्शाता है।

वायाकॉम18 के साथ मर्जर से पहले स्टार इंडिया ने 2023-24 में 12,548 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा दर्ज किया था, जिसमें सबसे बड़ा कारण ICC राइट्स डील का भारी आर्थिक बोझ था। वहीं ICC ने 2024 में 474 मिलियन डॉलर का सरप्लस दर्ज किया, जो उसके मजबूत ग्लोबल बिजनेस को दर्शाता है।

भारत—ICC के लिए फाइनेंशियल नर्व सेंटर

ICC के कुल रेवेन्यू का लगभग 80 फीसदी हिस्सा भारत से आता है। इसलिए यहां मीडिया राइट्स की कीमतें हमेशा ऊंची रहती हैं। हालांकि इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन इतनी ज्यादा है कि SPNI जैसे मजबूत दावेदार भी सतर्क हो गए हैं।

कई स्ट्रीमिंग और टीवी प्लेटफॉर्म इस समय कम होते विज्ञापन वॉल्यूम, घटते पेमेंट बेस और लगातार दबाव में रह रही टीवी प्रॉफिटिबिलिटी से जूझ रहे हैं। रियल-मनी गेमिंग ऐप्स पर लगे प्रतिबंध से भी बाजार में लगभग 7,000 करोड़ रुपए का विज्ञापन गैप बन गया है, जिसे कोई नया सेक्टर पूरा नहीं कर पा रहा है।

नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो की स्थिति

नेटफ्लिक्स भारत में क्रिकेट से दूर रहकर प्रीमियम एंटरटेनमेंट पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। WWE की ग्लोबल डील आने के बाद वह स्पोर्ट्स-एंटरटेनमेंट फॉर्मेट को टेस्ट कर रहा है।
प्राइम वीडियो की क्रिकेट मौजूदगी सीमित है। उसकी न्यूजीलैंड क्रिकेट पार्टनरशिप अगले साल खत्म हो रही है और उसके पास 2027 तक ऑस्ट्रेलिया में ICC राइट्स हैं।

स्पोर्ट्स राइट्स मार्केट में बदलाव

दुनिया भर में NBA, NFL और MLB जैसी लीगों के राइट्स की कीमतें बढ़ने से स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भी चयनात्मक हो गए हैं और हर बड़े पैकेज पर बोली लगाने से बच रहे हैं।

यदि ICC नया प्रसारण साझेदार नहीं ढूंढ पाता है, तो जियोस्टार को 2027 तक कॉन्ट्रैक्ट निभाना ही होगा। हालांकि मौजूदा स्थिति यह संकेत देती है कि भारत का स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्ट मार्केट एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है और राइट्स होल्डर्स के लिए विकल्प सीमित होते जा रहे हैं।

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