जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने इस्तीफे का किया ऐलान

जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने संसदीय चुनावों में सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की करारी हार और पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष के चलते इस्तीफा देने का फैसला किया है। यह कदम उन्होंने पार्टी में फूट को रोकने के लिए उठाया है। इशिबा का इस्तीफा प्रधानमंत्री बनने के एक साल के भीतर ही होने जा रहा है, जिससे जापान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री बने इशिबा को जुलाई में हुए संसदीय चुनावों में भारी झटका लगा। उनकी पार्टी LDP 248 सीटों वाले ऊपरी सदन में बहुमत हासिल करने में नाकाम रही। इसके बाद से ही उनके खिलाफ पार्टी के भीतर विरोध बढ़ता गया। खासकर दक्षिणपंथी धड़े के नेताओं ने लगातार इस्तीफे की मांग उठाई।
LDP अब अपना नया नेता चुनेगी। इस प्रक्रिया में उम्मीदवार को प्रधानमंत्री बनने के लिए संसद में समर्थन जुटाना होगा। हालांकि LDP निचले सदन में अब भी सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन गठबंधन का बहुमत टूट चुका है, जिससे राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। नए नेता की प्राथमिकता सहयोगी दलों को साथ लाकर सरकार चलाने की होगी।
संभावित उत्तराधिकारियों में पूर्व आंतरिक मंत्री साने ताकाइची, कृषि मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी और पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री ताकायुकी कोबायाशी शामिल हैं। इसके अलावा मौजूदा मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी और वित्त मंत्री कात्सुनोबु काटो के नाम भी चर्चा में हैं। इन सभी को अपनी उम्मीदवारी पेश करने के लिए कम से कम 20 सांसदों का समर्थन जुटाना होगा।
इशिबा के इस्तीफे के बाद जापान में तब तक राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहेगी जब तक कि LDP नया नेता नहीं चुन लेती। यह पहली बार है जब 1955 में पार्टी की स्थापना के बाद उसे कमजोर स्थिति में गठबंधन सरकार बनानी पड़ी थी। अब देखना होगा कि कौन अगला प्रधानमंत्री बनकर जापान की राजनीति में स्थिरता ला पाता है।





