जम्मू-कश्मीर: सीएम उमर अब्दुल्ला ने सुनील शर्मा के ‘विधायी जिहाद’ वाले बयान पर जताई आपत्ति

जम्मू, 21 मार्च 2025। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा के ‘विधायी जिहाद’ वाले बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हर बात में ‘जिहाद’ देखने का रवैया गलत है और यह मुसलमानों के प्रति पूर्वाग्रह को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हर चीज में ‘जिहाद’ देखने की प्रवृत्ति ठीक नहीं है। जब कोई अन्य सदस्य उनके धर्म पर टिप्पणी करता है, तो वे नाराज हो जाते हैं, लेकिन खुद वे मुस्लिम समुदाय को ‘जिहाद’ से जोड़ने में संकोच नहीं करते। क्या वह यह साबित करना चाहते हैं कि मुसलमानों को ‘जिहाद’ के अलावा कुछ नहीं आता?”
क्या कहा था सुनील शर्मा ने?
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने उमर अब्दुल्ला और उनकी पार्टी पर दो-राष्ट्र सिद्धांत को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों को जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने का अधिकार नहीं देने का विरोध ‘विधायी जिहाद’ है। शर्मा ने कहा, “अगर कश्मीर का व्यक्ति महाराष्ट्र में जमीन खरीद सकता है, तो महाराष्ट्र का व्यक्ति कश्मीर में क्यों नहीं?”
उन्होंने आगे कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, और यहां किसी को भी किसी भी राज्य में बसने और संपत्ति खरीदने का अधिकार है।
उमर अब्दुल्ला का जवाब
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भूमि विवाद को सांप्रदायिक रंग देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, “हरियाणा के लोगों का जम्मू-कश्मीर में स्वागत है, लेकिन जबरदस्ती किसी को कहीं बसाने का एजेंडा गलत है।”
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य के संसाधनों की रक्षा के लिए काम कर रही है, न कि किसी विशेष समुदाय के खिलाफ। उन्होंने शर्मा के बयान को भड़काऊ बताते हुए कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल समाज में नफरत फैलाने के लिए किया जाता है।





