IUML बनी किंगमेकर: केरल-तमिलनाडु में बढ़ा दबदबा, क्या कांग्रेस को मिल गई AIMIM की काट?

5 राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग एक बार फिर सुर्खियों में है। खासकर केरल और तमिलनाडु में पार्टी किंगमेकर की भूमिका में आ गई है, जहां सरकार गठन में इसके विधायकों की अहम भूमिका बन गई है।

केरल में IUML का मजबूत असर

केरल की 140 सीटों वाली विधानसभा में IUML ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं कांग्रेस 63 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बहुमत के लिए 71 सीटों की जरूरत होती है, ऐसे में IUML के समर्थन के बिना सरकार बनाना मुश्किल है। यही वजह है कि यहां IUML सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखती नजर आ रही है।

तमिलनाडु में भी अहम भूमिका

तमिलनाडु में भी स्थिति दिलचस्प है। 234 सीटों वाली विधानसभा में तमिलगा वेट्री कझगम 107 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन बहुमत से दूर है। IUML ने यहां 2 सीटें जीती हैं और सरकार बनाने के लिए उसका समर्थन जरूरी हो गया है।

IMG 2771

बंगाल में सीमित असर

हालांकि पश्चिम बंगाल में IUML को खास सफलता नहीं मिली और पार्टी का वोट शेयर सीमित रहा, लेकिन दक्षिण भारत में उसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

क्या कांग्रेस को मिल गई AIMIM की काट?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि IUML का बढ़ता प्रभाव कांग्रेस और INDIA गठबंधन के लिए राहत की बात हो सकता है। क्योंकि AIMIM कई राज्यों में विपक्षी वोटों को प्रभावित करती रही है। ऐसे में IUML मुस्लिम बहुल इलाकों में कांग्रेस के लिए मजबूत सहयोगी बन सकती है।

दक्षिण से राष्ट्रीय राजनीति तक असर

1948 से सक्रिय IUML अब सिर्फ क्षेत्रीय पार्टी नहीं रह गई, बल्कि धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या IUML वाकई कांग्रेस के लिए AIMIM का प्रभाव कम कर पाएगी या नहीं।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button