बच्चे के पैर से निकले लोहे के तार, सोनोग्राफी की मदद से हुआ कमाल।

बिलासपुर
सिम्स बिलासपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ रेडियोलॉजी विभाग और सर्जरी विभाग की कोशिश से 10 साल के बाचे को राहत मिली है,दरअसल ऑपरेशन के दौरान सोनोग्राफी की मदद से एक 10 साल के बच्चे के पैर में फंसे लोहे के चार तार को सफलतापूर्वक निकाला गया..
इस बच्चे का लगभग चार महीने पहले साइकिल चलाते वक्त एक्सीडेंट हो गया था। हादसे में साइकिल का टायर फटने से बाहर निकला लोहे का तार उसके दाहिने पैर में घुस गया। तार पैर में टूटकर अंदर फंस गया और चार टुकड़ों में लगभग 2 से 5 सेमी लंबाई में मांसपेशियों में धंस गया।

इसके बाद बच्चे को लगातार सूजन और दर्द की शिकायत बनी रही। तीन दिनपहले परिजन उसे सिम्स के सर्जरी विभाग में लेकर पहुंचे, जहां एक्सरे और सोनोग्राफी से यह पुष्टि हुई कि तार पैर की मांसपेशियों में गहराई तक धंसा हुआ है,

और अंदर ही अंदर मवाद बन चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने रेडियोलॉजी विभाग की मदद। ऑपरेशन थिएटर में ही लाइव सोनोग्राफी के माध्यम से लोहे के तारों की सटीक स्थिति चिन्हित कर ऑपरेशन कर तार को निकाला गया.





