भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ खुला, मिडकैप और स्मॉलकैप में दिखी तेजी

मुंबई: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई। सुबह 9:24 बजे सेंसेक्स 116 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,349 पर जबकि निफ्टी 34 अंक या 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,851 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि लार्जकैप शेयरों में कमजोरी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हल्की तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 74 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,977 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 39 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,290 पर था।
सेक्टरवार रुझानों में मेटल, रियल्टी, मीडिया, फार्मा, फाइनेंशियल सर्विसेज, इन्फ्रास्ट्रक्चर, कमोडिटीज और कंजप्शन इंडेक्स हरे निशान में रहे, जबकि ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, एनर्जी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स पैक में एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और सन फार्मा टॉप गेनर्स रहे। वहीं इन्फोसिस, जोमैटो, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी में गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता हरे निशान में रहे, जबकि हांगकांग और सियोल लाल निशान में बंद हुए। अमेरिकी शेयर बाजार भी बुधवार को उतार-चढ़ाव के बाद मिश्रित रुख के साथ बंद हुए।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि शेयर बाजार को नए ऑल-टाइम हाई स्तर तक पहुंचने के लिए और सकारात्मक कारकों की आवश्यकता है। फिलहाल बाजार ने बिहार चुनाव में एनडीए की जीत की संभावना को पहले ही फैक्टर-इन कर लिया है। आने वाले समय में अमेरिका-भारत ट्रेड डील बाजार की दिशा तय करने वाला अहम कारक साबित हो सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 12 नवंबर को लगातार तीसरे दिन 1,750 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी कर बाजार को संभालने में योगदान दिया। वहीं, कच्चे तेल की कीमतें सीमित दायरे में रहीं — ब्रेंट क्रूड 62.67 डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 58.40 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहा।





