हवा, ज़मीन और अब समंदर से भी जवाब देगा भारत: करवार से नौसेना की मिसाइल फायरिंग ड्रिल

करवार, 3 मई 2025:

भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी मोर्चे पर जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत की तीनों सेनाएं अलर्ट मोड पर हैं। अब भारतीय नौसेना 7 मई को कर्नाटक के करवार तट से अरब सागर में एक विशाल मिसाइल फायरिंग अभ्यास करने जा रही है। यह अभ्यास सुबह 8:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेगा और करवार से लगभग 390 किलोमीटर दूर समुद्र के क्षेत्र में होगा। इसके लिए नौसेना ने ‘नोटिस टू एयरमेन’ (NOTAM) भी जारी कर दिया है।

यह सैन्य अभ्यास केवल एक रूटीन ट्रेनिंग नहीं बल्कि पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठनों को एक साफ और सख्त संदेश है कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा। LOC पर सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ समुद्री सीमा पर भी भारत आक्रामक रणनीति अपना रहा है। करवार नौसेना अड्डा भारतीय नौसेना का एक प्रमुख रणनीतिक केंद्र है, जो पश्चिमी तट की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। यहां से किया जाने वाला यह अभ्यास समुद्री ताकत और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। सिंधु जल संधि को स्थगित कर देना, पाकिस्तानियों के वीजा रद्द करना, और उनके कई यूट्यूब चैनलों को बैन करना इसी का हिस्सा है। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह हर मोर्चे पर आतंक को मुंहतोड़ जवाब देगा — चाहे वह हवा हो, ज़मीन हो या समंदर।

इस अभ्यास के ज़रिए भारतीय नौसेना यह संदेश देना चाहती है कि हमले की साजिश रचने वालों को अब कोई छूट नहीं दी जाएगी। अब भारत जवाबी कार्रवाई में पहल करेगा। मिसाइल फायरिंग अभ्यास एक चेतावनी है कि भारत अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि निर्णायक रवैया अपनाने को तैयार है।

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