भारत-यूके साझेदारी नई ऊंचाइयों पर, ब्रिटेन की 9 यूनिवर्सिटियां भारत में खोलेंगी कैंपस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मुंबई में हुई मुलाकात ने भारत-यूके संबंधों में नया अध्याय जोड़ दिया है। दोनों नेताओं ने ‘विजन 2030’ के तहत व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और शिक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर हुई बातचीत में ब्रिटेन की 9 यूनिवर्सिटियों के भारत में कैंपस खोलने की घोषणा की गई, जिससे शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के साझा मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि सीईटीए समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, आयात लागत घटेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मोदी ने कहा कि ब्रिटिश यूनिवर्सिटियों के भारत में आने से देश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा अपने देश में ही उपलब्ध हो सकेगी।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इस साझेदारी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन मिलकर एक नई आधुनिक साझेदारी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच बाजारों तक पहुंच बढ़ेगी, रोजगार सृजन होगा और विकास की रफ्तार तेज होगी। स्टार्मर ने पीएम मोदी की विकास नीति की सराहना करते हुए कहा कि भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच यह सहयोग वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने बताया कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ यह मुलाकात भारत-यूके संबंधों में विश्वास, तकनीक और टैलेंट आधारित साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हम दोनों देशों के लोगों के लिए उज्जवल भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस अवसर पर हिंदी में “दीवाली की शुभकामनाएं” देकर भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान भी प्रकट किया। उनकी यह भारत यात्रा दोनों देशों के बीच भरोसे और विकास की नई शुरुआत मानी जा रही है।





