अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर रायपुर से बड़ा सौगात: प्रदेशभर में 115 अटल परिसरों का लोकार्पण, 186 करोड़ के विकास कार्यों की शुरुआत

रायपुर। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ में विकास और सुशासन का बड़ा संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के फुंडहर चौक में अटल एक्सप्रेस-वे पर स्थापित अटल जी की प्रतिमा का अनावरण किया और राजधानी सहित राज्य के 115 नगरीय निकायों में तैयार अटल परिसरों का लोकार्पण किया। वे रायपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे और वर्चुअल माध्यम से बाकी स्थानों पर हो रहे कार्यक्रमों से जुड़े।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अटल जी को श्रद्धांजलि देने और सुशासन दिवस की शुभकामनाओं के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासी आज अटल जी को कृतज्ञतापूर्वक याद कर रहे हैं।
186 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने फुंडहर खेल मैदान में आयोजित समारोह में रायपुर नगर निगम क्षेत्र के 186 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत वाले 23 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 185 करोड़ 49 लाख के 17 कार्यों का भूमिपूजन तथा 1 करोड़ 49 लाख के 6 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
साथ ही, अटल परिसरों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया, जिसे नगरीय प्रशासन विभाग ने तैयार किया है।

योजनाओं से जनता को सीधा लाभ
कार्यक्रम में लाभार्थियों को योजनाओं का सीधा लाभ भी वितरित किया गया।
•प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 5 लाभार्थियों को भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्र दिए गए।
•पीएम स्वनिधि योजना के तहत 5 महिला लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर में पीएम आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 1023 आवासों की मंजूरी दी गई है, जिससे गरीब परिवारों को अपना घर मिलने में सहायता होगी।

अटल जी के योगदान को याद किया गया
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी न सिर्फ तीन बार प्रधानमंत्री रहे, बल्कि वे अजातशत्रु, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और उत्कृष्ट साहित्यकार थे। उनके भाषणों को सुनने के लिए विरोधी दलों तक में उत्सुकता रहती थी।
साय ने बताया कि अटल जी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा, जिससे 6 लाख से अधिक गांवों में विकास की राह आसान हुई। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए करोड़ों किसानों को सस्ता ऋण मिला, जिससे कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया। आदिवासी कल्याण के लिए उन्होंने आदिम जाति विकास मंत्रालय बनाकर नई नीतियां शुरू कीं।
अटल परिसर: स्मृतियों को संजोने का प्रयास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब तक 60 अटल परिसरों का लोकार्पण हो चुका था, और आज के कार्यक्रम के बाद यह संख्या बढ़कर 175 हो गई है। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष में सभी नगरीय निकायों में ऐसे परिसर बनाए जाएंगे, जहां आम नागरिक उनके विचारों और योगदान से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि अटल जी की दूरदृष्टि और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के साथ छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों के विचार
•किरण सिंह देव, विधायक, ने कहा कि अटल जी ने अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाया, इसलिए हर नागरिक उनके ऋणी हैं।
•मोतीलाल साहू, विधायक, ने कहा कि रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में दो वर्षों में 500 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हुए, जो विकास की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
•महापौर मीनल चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में विकास की योजनाएँ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप सहित कई अधिकारी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

अटल जी की जयंती के मौके पर छत्तीसगढ़ से यह संदेश स्पष्ट गया कि राज्य सरकार सुशासन, विकास और जनकल्याण की दिशा में तेजी से काम कर रही है। अटल परिसरों का निर्माण न सिर्फ एक स्मारक है, बल्कि यह एक विचारधारा, संकल्प और विकास मॉडल की नई पहचान भी है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा।





