भीषण गर्मी में सूख गई बिल्हा की जीवनदायिनी शिवनाथ नदी

बिलासपुर/बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों में से एक शिवनाथ नदी इस बार गर्मी की मार झेल रही है। बिल्हा क्षेत्र से गुजरने वाली यह नदी अब पूरी तरह से सूख चुकी है। अमलडीहा पुल से गुजरने वाले लोगों को अब पानी की जगह सिर्फ पत्थर ही पत्थर दिखाई दे रहे हैं।
इस नदी की हालत देखकर साफ समझा जा सकता है कि क्षेत्र में बारिश कितनी कम हुई थी। पिछले साल बारिश बहुत कम हुई, और अब उसका असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। न सिर्फ नदियां बल्कि आसपास के तालाब और बोरवेल भी सूख चुके हैं।
शिवनाथ के अलावा मनियारी और टेसुवा जैसी नदियों का भी हाल बुरा है। इन नदियों पर निर्भर गांवों के लोग पानी की भारी किल्लत झेल रहे हैं। खेती-किसानी, पशुपालन और घरेलू जरूरतों के लिए पानी मिलना मुश्किल हो गया है।
शिवनाथ नदी छत्तीसगढ़ की सबसे लंबी नदी है, जिसकी कुल लंबाई 290 किलोमीटर है। इसका उद्गम राजनांदगांव जिले के पानाबरस पहाड़ियों से होता है। यह नदी महानदी की सबसे बड़ी सहायक नदी भी है।
लेकिन फिलहाल इसका जलस्तर इतना गिर चुका है कि नदी में पानी नजर ही नहीं आता। यह स्थिति न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि यहां रहने वाले लोगों की जिंदगी पर भी असर डाल रही है।
अब जरूरत है ठोस कदम उठाने की। सरकार और प्रशासन को नदियों के संरक्षण, पुनर्जीवन और जल-संचयन के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे। वरना आने वाले समय में पानी की यह समस्या और गंभीर हो सकती है।





