CG में कृषि विभाग के अधिकारी पर महिला अधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने दर्ज की FIR

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ रहे तत्कालीन कृषि उपसंचालक (डीडीए) ललित मोहन भगत विवादों में घिर गए हैं। एक महिला अधिकारी ने उन पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए।
महिला अधिकारी का आरोप है कि डीडीए भगत ने उन्हें लज्जा भंग करने की नीयत से परेशान किया। विभागीय स्तर पर की गई शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण मामला पुलिस तक पहुंचा।
महिला अधिकारी ने पहले इस प्रकरण की शिकायत कृषि विभाग के संचालक रायपुर से की थी। आरोप है कि डीडीए भगत ने अपने उच्चाधिकारियों से संपर्क और पहुंच का लाभ उठाकर मामले को दबाने का प्रयास किया।
विभागीय जांच अधिकारी की नियुक्ति हुई थी, लेकिन निष्पक्ष जांच पर सवाल उठे। जब विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो महिला अधिकारी ने नवंबर 2025 में कलेक्टर से शिकायत की। कलेक्टर ने जांच टीम गठित करने की बात कही, लेकिन डीडीए भगत का स्थानांतरण रायगढ़ कर दिया गया।
महिला अधिकारी ने मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग में भी दर्ज कराई, जहां यह अभी लंबित है। विभागीय उदासीनता के बाद पुलिस ने अब एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीएसपी ने प्रकरण की प्रारंभिक जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हुई और चांपा थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
चांपा थाना प्रभारी अशोक वैष्णव ने बताया कि आरोपी अधिकारी की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की गहन विवेचना जारी है। सभी संबंधित पक्षों के बयान और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जांच पूर्ण होने के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला विभागीय उदासीनता, प्रशासनिक जवाबदेही और महिला अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद यह विवाद प्रशासनिक और समाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।





