लेह हिंसा के बाद लद्दाख उपराज्यपाल और नॉर्दन कमान प्रमुख की अहम बैठक

लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा के बाद हालात को काबू में लाने के लिए भारतीय सेना और प्रशासन के बीच अहम बैठक हुई। शनिवार को उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता से मुलाकात की। दोनों के बीच लेह की मौजूदा स्थिति, समग्र सुरक्षा परिदृश्य और आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई। बैठक में नागरिक प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच तालमेल को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

बैठक में जनरल शर्मा के साथ जीओसी 14 कोर, मेजर जनरल दलबीर सिंह और कर्नल विकास वशिष्ठ भी मौजूद रहे। उपराज्यपाल गुप्ता ने सीमाओं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सेना की भूमिका की सराहना की, जबकि जनरल शर्मा ने केंद्र शासित प्रदेश की सुरक्षा और अखंडता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

यह बैठक उस समय हुई जब 24 सितंबर को लेह में छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर भीषण हिंसा भड़की थी। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 पुलिसकर्मी समेत करीब 59 लोग घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी दफ्तर और सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आगजनी की थी। हालात काबू से बाहर होने पर पुलिस ने आंसू गैस, लाठीचार्ज और फायरिंग का सहारा लिया और लेह शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया।

हिंसा के बाद पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया। उन पर युवाओं को हिंसा के लिए भड़काने और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई का आरोप है। उन्हें लेह से हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेजा गया है। गृह मंत्रालय ने भी उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच एहतियातन लेह में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

लद्दाख में बिगड़े हालात और लगातार तनाव को देखते हुए सेना और प्रशासन का यह संवाद बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक का मकसद क्षेत्र में स्थिरता बहाल करना और भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करना है।

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