छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड का ऐतिहासिक फैसला, मस्जिदों-इमामबाड़ों में लहराएगा तिरंगा

बिलासपुर।गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ से राष्ट्रभक्ति और सांप्रदायिक सौहार्द की एक बेहद सकारात्मक तस्वीर सामने आने वाली है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए निर्देश जारी किया है कि 26 जनवरी को प्रदेश की सभी मस्जिदों, इमामबाड़ों और वक्फ कार्यालयों में तिरंगा फहराया जाएगा।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करना और मुस्लिम समुदाय को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को तोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब इबादतगाहों से तिरंगा लहराएगा, तो यह पूरे समाज को एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश देगा।
आर्थिक मदद भी देगा वक्फ बोर्ड
इस फैसले की खास बात यह है कि वक्फ बोर्ड ने आयोजन के लिए बजट का प्रावधान भी किया है।
जो भी मस्जिद या इमामबाड़ा प्रबंधन आवेदन करेगा, उसे-
- माइक
- टेंट
- मिठाई
जैसी व्यवस्थाओं के लिए आर्थिक अनुदान दिया जाएगा।
इस पहल का मकसद ग्रास रूट लेवल तक लोगों को गणतंत्र दिवस से जोड़ना है।
“मुस्लिम समाज राष्ट्रभक्ति में पीछे नहीं”
डॉ. सलीम राज ने स्पष्ट कहा कि यह धारणा गलत है कि मुस्लिम समुदाय राष्ट्रीय आयोजनों से दूर रहता है। इसी सोच को बदलने के लिए यह कदम उठाया गया है। बोर्ड राष्ट्रप्रेम को इबादत का हिस्सा मानते हुए इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटा है।
बजरंग दल की प्रतिक्रिया
हिंदू संगठन बजरंग दल ने भी वक्फ बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि इस तरह की पहल देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को मजबूत करती है।
कुल मिलाकर, वक्फ बोर्ड का यह निर्णय न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रप्रेम की नई मिसाल माना जा रहा है।





