सोने की कीमत में भारी गिरावट, 10 ग्राम का भाव पहुंचा 1.21 लाख रुपये

सोने की कीमतों में अचानक गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है। रिकॉर्ड ऊंचाई 1.32 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर अब कीमत 1.21 लाख रुपये तक आ गई है। एक्सपर्ट्स इसे ‘टेक्निकल करेक्शन’ मान रहे हैं, लेकिन शादी-ब्याह के सीजन में मांग बढ़ने से सोने के भाव में फिर उछाल आने की संभावना बनी हुई है।
इस गिरावट के कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण मुनाफावसूली है। जिन्होंने कम कीमत पर सोना खरीदा था, उन्होंने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते ही भारी बिकवाली की। इसके अलावा डॉलर की मजबूती भी कीमतों पर असर डाल रही है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना महंगा हो जाता है और इसकी मांग घटती है। त्योहारों के खत्म होने के बाद मांग में कमी भी कीमतों पर दबाव डाल रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें प्रभावित हुई हैं। ‘स्पॉट गोल्ड’ का भाव हाल ही में 4,381 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा था, लेकिन वहां से 6% से अधिक की गिरावट आई और यह 4,100 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 2013 के बाद सोने में आई सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट में से एक है। भारत में 1.32 लाख से 1.21 लाख रुपये तक की गिरावट इसी वैश्विक दबाव का नतीजा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट लंबी मंदी की शुरुआत नहीं है। यह एक सामान्य तकनीकी समायोजन है। निवेशक अब शेयर बाजार और अन्य विकल्पों की ओर भी ध्यान दे रहे हैं, जिससे सोने पर दबाव बढ़ा है। आईबीजेए की उपाध्यक्ष अक्षा कम्बोज के अनुसार, शॉर्ट-टर्म में गिरावट हो सकती है, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशक अभी भी सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।
शादी-ब्याह का सीजन आने वाला है, जो सोने की मांग को बढ़ा सकता है। इससे कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गिरावट का लाभ खरीदारी करने वाले उठा सकते हैं, और सोने का भाव 1 लाख रुपये के नीचे जाने की संभावना फिलहाल कम है।
शादी-ब्याह की मांग सोने के भाव को बढ़ा सकती है
त्योहारों के बाद शुरू होने वाला शादी का सीजन सोने की मांग को मजबूती देगा। इससे बाजार में कीमतों को स्थिर करने और फिर से बढ़ाने की संभावना है। निवेशक इस समय गिरावट का फायदा उठा सकते हैं और लंबे समय के लिए सोने में निवेश करना सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।





