राखी पर लौटी खुशियां: रायपुर में 581 गुमशुदा बच्चे परिवार से मिले, बहनों ने पुलिस को कहा ‘थैंक्यू’

रायपुर। रक्षाबंधन 2025 पर रायपुर में कई परिवारों के लिए आंसुओं और मुस्कानों से भरा दिन रहा। रायपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान और अभियान तलाश के तहत पिछले दो महीनों में 581 गुमशुदा बच्चों और युवाओं को उनके घर पहुंचाया। इनमें कई भाई-बहन सालों बाद राखी के त्योहार पर फिर से मिले।
गुढ़ियारी थाने में भावुक नजारा देखने को मिला जब दो बहनों ने थाना प्रभारी बी.एल. चंद्राकर की कलाई पर राखी बांधते हुए कहा“आपने हमारे भाइयों को खोजकर हमें सबसे बड़ा राखी का तोहफा दिया।” वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई, क्योंकि यह केवल राखी नहीं, बल्कि भरोसे और सुरक्षा का प्रतीक था।
मामलों में गोगांव निवासी रामप्रसाद का बेटा जयंत दोस्तों के साथ घर से चला गया था। पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन से खोजकर परिवार को सौंपा। इसी तरह, राजा तालाब के अमन राज की बेटी घर से बिना बताए भिलाई चली गई थी, जिसे सिविल लाइन थाना पुलिस ने ढूंढकर रायपुर में उसके माता-पिता को सौंप दिया।
गुढ़ियारी के राम केशरवानी भी 23 जुलाई को लापता हो गए थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से वह परिवार को मिल गए। इन सभी मामलों में बहनों और परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और रायपुर पुलिस का आभार जताया।
मुख्यमंत्री की मंशा पर चल रहे इन अभियानों के तहत, जैसे ही गुमशुदगी की सूचना मिलती है, तुरंत खोज शुरू होती है। इस बार राखी पर लौटे ये बच्चे सिर्फ अपने घर नहीं, बल्कि अपने अपनों के दिलों में भी मुस्कान और सुकून लेकर आए।





