जिम बिजनेस बना कमाई का मजबूत जरिया, निवेश और सही रणनीति से हर महीने लाखों की आय संभव

भारत में फिटनेस अब केवल शौक या ट्रेंड नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बनती जा रही है। कोविड-19 महामारी के बाद सेहत को लेकर जागरूकता में तेजी से इजाफा हुआ है। लोगों ने यह समझा कि मजबूत इम्यूनिटी और फिट शरीर ही मुश्किल हालात में सबसे बड़ा सहारा होते हैं। इसी सोच ने जिम, एक्सरसाइज और वेलनेस से जुड़े कारोबार को नई रफ्तार दी है।

तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ता शहरीकरण और काम का बढ़ता दबाव मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियों जैसी समस्याओं को बढ़ा रहा है। इसका असर यह हुआ है कि युवा वर्ग के साथ-साथ मिडिल एज लोग भी अब नियमित वर्कआउट को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जिम और फिटनेस सेंटर खोलना एक आकर्षक और मुनाफे वाला बिजनेस विकल्प बनकर उभरा है।

आंकड़ों के अनुसार, भारत का फिटनेस बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्तमान में इसका आकार करीब 16,200 करोड़ रुपये आंका जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में बढ़कर लगभग 37,700 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इस ग्रोथ में जिम और फिटनेस सेंटर की अहम भूमिका मानी जा रही है। खासतौर पर वैल्यू सेगमेंट के जिम ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि ये आम लोगों की पहुंच में हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी फिटनेस कल्चर तेजी से बढ़ रहा है।

जिम बिजनेस शुरू करने से पहले सही प्लानिंग बेहद जरूरी मानी जाती है। सबसे पहले ऐसी लोकेशन का चयन करना जरूरी होता है, जहां रेजिडेंशियल एरिया, ऑफिस या लोगों की आवाजाही अधिक हो। इसके बाद बिजनेस मॉडल तय किया जाता है, जिसमें इंडिपेंडेंट जिम, किसी बड़ी चेन की फ्रैंचाइजी या बुटीक फिटनेस स्टूडियो जैसे विकल्प शामिल हैं। निवेश का बड़ा हिस्सा मशीनों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होता है, जिसमें कार्डियो इक्विपमेंट, वेट ट्रेनिंग सेटअप और ग्रुप क्लासेस के लिए जगह शामिल रहती है।

साथ ही सर्टिफाइड ट्रेनर्स की नियुक्ति भी जरूरी मानी जाती है। महिलाओं को आकर्षित करने के लिए अलग सेक्शन या जुंबा और योग जैसी स्पेशल क्लासेस फायदेमंद साबित हो सकती हैं। मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया, लोकल प्रमोशन और रेफरल स्कीम्स का सहारा लिया जा सकता है।

एक अनुमान के मुताबिक, जिम खोलने में शुरुआती निवेश करीब 20 से 50 लाख रुपये तक हो सकता है। अच्छी मैनेजमेंट और सही रणनीति के साथ यह निवेश 1 से 2 साल में रिकवर किया जा सकता है। हालांकि इस बिजनेस में चुनौतियां भी मौजूद हैं, जैसे बड़ी जिम चेन से प्रतिस्पर्धा, किराया और बिजली जैसी ऑपरेशनल लागत, मेंबर्स को बनाए रखना और अच्छे ट्रेनर्स की उपलब्धता।

कमाई की बात करें तो एक सामान्य जिम से हर महीने करीब 1 से 5 लाख रुपये तक का रेवेन्यू आ सकता है, जबकि प्रीमियम जिम इससे कहीं ज्यादा कमाई कर सकते हैं। असली मुनाफा लोकेशन, मेंबर्स की संख्या, सर्विस क्वालिटी और खर्चों के सही प्रबंधन पर निर्भर करता है।

कुल मिलाकर, बढ़ती फिटनेस जागरूकता ने जिम बिजनेस को एक मजबूत और भविष्यनिष्ठ अवसर के रूप में स्थापित कर दिया है। सही योजना और निरंतर सुधार के साथ यह कारोबार लंबे समय तक टिकाऊ और फायदेमंद साबित हो सकता है।

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