Et af de længst eksisterende offshore-navne er stadig Queenvegas selvom konkurrencen er blevet hård. I sammanställningar av nyare alternativ förekommer Slotser casino som ett av flera mindre kända varumärken. Bland mindre etablerade sajter återfinns Newlucky casino som har en relativt enkel webbplats men ett brett spelutbud. För dem som vill veta mer om sajter utan begränsningar kan man klicka här och bläddra bland alternativen. Among lion-themed brand entries is www.leoncasino.nu which sits alongside several similar names. För spelare som är nyfikna på bonus buy-mekaniken kan man läs mer här för en bredare överblick.

बजट में सरकार की सौगात, पूरे देश में सस्ती हो सकती है शराब

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 का पूर्ण बजट पेश करते हुए इनकम टैक्स की न्यू रिजीम में कई अहम बदलाव किए हैं. जहां एक तरफ स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट बढ़ाई गई है, वहीं टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया गया है. अब मिडिल क्लास के लिए ये भले उम्मीद के मुताबिक ना हो, लेकिन सरकार ने इसका गम भुलाने की व्यवस्था कर दी है. बजट में एक ऐसा बदलाव हुआ है, जो देशभर में शराब की कीमतों को कम कर सकता है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब बजट भाषण पेश किया, जो डायरेक्ट टैक्स (इनकम टैक्स) के साथ कई इनडायरेक्ट टैक्स (सीमा शुल्क और जीएसटी इत्यादि) की भी बात की. बस इसी में एक प्रावधान ऐसा है, जो शराब को सस्ता बनाएगा.

खत्म होगा एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल पर केंद्रीय जीएसटी

मानव उपयोग के लिए एल्कोहॉलिक बेवरेजेस बनाने में एक जरूरी पदार्थ इस्तेमाल होता है, जिसे ENA यानी एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल कहा जाता है. सरकार ने सेक्शन-9 में संशोधन करके इसे अब केंद्रीय जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया है. इतना ही नहीं, इसके लिए सीजीएसटी (CGST) के साथ-साथ सरकार ने इंट्रीग्रेटेड जीएसटी (IGST)और यूनियन टेरिटरी जीएसटी (UTGST) में भी जरूरी बदलाव करने की बात कही है.

सरकार के ऐसा करने से अब ईएनए के देश के अंदर आंतरिक व्यापार और विदेश से इंपोर्ट करने पर लागत में कटौती होगी. हालांकि इस पर अभी राज्य सरकारें क्या फैसला लेंगी, ये जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में तय होगा. तभी पता चलेगा कि लागत कटौती का कितना फायदा लोगों की जेब तक पहुंचता है.

 

ENA पर टैक्स खत्म होने से ऐसे सस्ती होगी शराब

अब आप सोच रहे होंगे कि ईएनए पर टैक्स खत्म करने से आम आदमी को मिलने वाली शराब की कीमत कम कैसे होगी, तो आपको बता दें कि जीएसटी कानून में ये प्रावधान है कि अगर सरकार किसी वस्तु पर जीएसटी टैक्स में कमी करती है, तो उसका लाभ जनता तक पहुंचाना कानूनन अनिवार्य है.

 

अब अगर सरकार ईएनए पर टैक्स को हटा देती है, तो शराब बनाने वाली कंपनियों की लागत में गिरावट आएगी. इसका फायदा ग्राहकों को ट्रांसफर किया जा सकता है. हालांकि ये पूरी तरह राज्य सरकारों पर निर्भर करता है, क्योंकि शराब पर टैक्स राज्य सरकारों के दायरे में भी आता है. ऐसे में वह इस पर एक्स्ट्रा टैक्स भी लगा सकती हैं या जितना टैक्स केंद्र सरकार ने घटाया है, उतना ही टैक्स लगाकर शराब की कीमतों को यथावत रख सकती हैं.

 

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई