सरकार बिजनेस कॉरिडोर: ट्रैफिक जाम से मुक्ति का रास्ता

बेंगलुरु। देश के विकसित शहरों में शुमार, अपनी ट्रैफिक जाम के कारण अक्सर सुर्खियों में रहता है। लोगों को रोजाना घंटों तक ट्रैफिक में फंसा रहना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सिद्दरमैया कैबिनेट ने 117 किलोमीटर लंबी पेरिफेरल रिंग रोड (PRR) को मंजूरी दे दी है, जिसे अब बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर के नाम से जाना जाएगा।
यह प्रोजेक्ट बेंगलुरु डेवेलपमेंट अथॉरिटी के तहत पूरा किया जाएगा और अगले दो साल में इसे चालू करने की योजना है। इसके बनने से शहर के बीच से होकर गुजरने वाले हाईवे और इंडस्ट्रियल ज़ोन के ट्रैफिक को बायपास करने में मदद मिलेगी। सरकार का अनुमान है कि इससे शहर के ट्रैफिक में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आएगी।
राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस परियोजना को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम बहुत बड़ी समस्या है। कॉरिडोर बनने से लोग समय बचा सकेंगे और शहर की भीड़ कम होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट के कारण करीब 1,900 परिवार प्रभावित होंगे, लेकिन सरकार उन्हें उनकी उम्मीद से अधिक मुआवजा देगी।
डीके शिवकुमार ने यह स्पष्ट किया कि अगर कुछ जमीन मालिक जमीन देने से मना करते हैं, तो सरकार मुआवजे की रकम कोर्ट में जमा कर परियोजना आगे बढ़ाएगी। किसी भी कीमत पर कोई भी ज़मीन डी-नोटिफाई नहीं की जाएगी।
इस कॉरिडोर से न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि शहर में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बेंगलुरु की सड़कों और शहर के रोजमर्रा के जीवन में सुधार लाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।





