बलरामपुर में एसडीएम समेत 4 गिरफ्तार, मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत; अवैध बॉक्साइट खनन विवाद से जुड़ा मामला

बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में एसडीएम और उनके साथियों पर ग्रामीणों से मारपीट का गंभीर आरोप सामने आया है। इस घटना में घायल 60 वर्षीय ग्रामीण राम नरेश राम की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण घायल हैं। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और विरोध में कुसमी नगर बंद का आह्वान किया गया है।
पुलिस ने मामले में कुसमी एसडीएम करूण डहरिया, विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
घटना कोरंधा थाना क्षेत्र की है, जहां देर रात ग्रामीणों ने बॉक्साइट से भरा एक ट्रक पकड़ लिया था। इसके बाद एसडीएम राजस्व टीम और कुछ स्थानीय युवकों के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान तीन ग्रामीणों को रोककर लाठी और लात-घूंसों से मारपीट की गई और उन्हें जबरन वाहन में बैठाकर कुसमी ले जाया गया। रास्ते में राम नरेश राम की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घायलों अजीत उरांव और आकाश अगरिया ने बताया कि वे खेत में सिंचाई कर घर लौट रहे थे, तभी उन्हें रोका गया और बिना किसी स्पष्ट कारण के मारपीट की गई। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
मामला अवैध बॉक्साइट उत्खनन से जुड़ा बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा था और इसमें प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों और आदिवासी समाज ने विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम किया।
मृतक के परिजनों ने एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्र में स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
राज्य सरकार ने मामले की जांच जारी होने की बात कही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।





