माओवादी संगठन में पहली बार शीर्ष स्तर पर फूट, हथियार डालने की घोषणा से आई दरार

जगदलपुर। माओवादी संगठन में पहली बार शीर्ष स्तर पर गंभीर फूट सामने आई है। संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय उर्फ भूपति ने हाल ही में एक पत्र जारी कर एक माह के लिए संघर्ष विराम और शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हथियार उठाना संगठन की सबसे बड़ी गलती थी और इसके लिए जनता से माफी मांगी।

हालांकि, अभय की इस घोषणा को तेलंगाना स्टेट कमेटी ने तुरंत खारिज कर दिया। समिति के प्रतिनिधि जगन ने स्पष्ट किया कि यह प्रवक्ता की निजी राय है और पार्टी का आधिकारिक निर्णय नहीं। इस कदम को संगठन में भ्रम और अस्थिरता फैलाने वाला बताया गया। यह पहली बार है जब केंद्रीय प्रवक्ता के बयान का अधीनस्थ इकाई ने सार्वजनिक विरोध किया है।

यह आंतरिक मतभेद ऐसे समय में सामने आए हैं जब सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से माओवादी संगठन कमजोर हो चुका है। 21 मई को एक बड़े ऑपरेशन में महासचिव समेत 28 कैडर मारे गए थे। इसके बाद कई शीर्ष नेता मारे गए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि मार्च 2026 तक माओवाद का पूरी तरह खात्मा कर दिया जाएगा। आइजीपी बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने कहा कि सुरक्षा बल अब मजबूत स्थिति में हैं और माओवादी प्रभाव वाले इलाकों में गहरी पैठ बना चुके हैं। माओवादियों के सामने अब केवल दो विकल्प हैं या तो आत्मसमर्पण करें या मुठभेड़ में मारे जाएं।

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