बस्तर में बाढ़ का कहर: दरभा में कार बही, पति-पत्नी व दो बच्चों की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण भारी बारिश और बाढ़ से हालात गंभीर हो गए हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से मांदर गांव में महिलाएं और बच्चे सहित 6 लोग घर की छत पर फंस गए थे। वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें सुरक्षित निकाला गया। अब तक 68 से ज्यादा लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

इसी बीच जगदलपुर-सुकमा मार्ग पर दरभा घाटी के पास उफनते नाले में एक कार बह गई। हादसे में तमिलनाडु निवासी पति-पत्नी और उनके दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर तैरकर बच निकला। SDRF की टीम ने रातभर अभियान चलाकर शवों को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

बस्तर के कई हिस्सों में सड़कें और पुल जलमग्न हो गए हैं। दंतेवाड़ा-जगदलपुर रोड, छिंदगढ़ का कोकराल पुल और कई गांवों में पानी घुस गया है। बीजापुर के भैरमगढ़ स्थित CRPF कैंप में भी पानी भर गया। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव में ऑरेंज अलर्ट और सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, धमतरी व गरियाबंद सहित नौ जिलों में यलो अलर्ट है।

बारिश और बाढ़ से अन्य जिलों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। बिलासपुर में बाढ़ में बहने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। बीजापुर में नाव पलटने से दो बच्चियां लापता हैं। वहीं सरगुजा और रायपुर में भी निचले इलाकों में पानी भर गया। भारी बारिश से प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है और प्रशासन लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटा हुआ है।





