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पांचवीं बोर्ड परीक्षा की हुई शुरुआत, बच्चे दिखे उत्साहित

करीब तीन दशक बाद पांचवीं और आठवीं कक्षा के लिए बोर्ड परीक्षा का नियम फिर से लागू कर दिया गया है। इस साल से यह नया नियम लागू हुआ है और सोमवार, 17 मार्च से पांचवीं कक्षा की परीक्षा की शुरुआत हुई। परीक्षा 27 मार्च तक चलेगी।

पहले दिन गणित की परीक्षा, 90 प्रतिशत उपस्थिति

पांचवीं कक्षा के बच्चों के लिए पहले दिन गणित की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें लगभग 90 प्रतिशत बच्चों ने भाग लिया। यह उपस्थिति काफी अच्छी मानी जा रही है। बच्चों को उनके ही स्कूलों में परीक्षा देने की सुविधा दी गई, जिससे वे बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे सकें।

केंद्राध्यक्षों में किए गए बदलाव

परीक्षा की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्राध्यक्ष बदल दिए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल के निर्देश पर यह बदलाव किया गया है। इसके अलावा, हर परीक्षा हॉल में दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि परीक्षा में कोई गड़बड़ी न हो।

स्थानीय स्तर पर होगा मूल्यांकन

इस साल जिले के 1,688 सरकारी पूर्व माध्यमिक स्कूलों के 26,471 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। सभी विषयों के प्रश्न पत्र स्कूल स्तर पर तैयार किए गए हैं और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी स्थानीय स्तर पर ही किया जाएगा।

कोरोना के कारण प्रभावित हुई पढ़ाई

कोरोना महामारी के कारण पिछले दो सालों में बच्चों को बिना परीक्षा दिए ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। इसका असर उनके पढ़ाई और लिखने की क्षमता पर पड़ा है। अब अचानक से बोर्ड परीक्षा देना उनके लिए कितना चुनौतीपूर्ण होगा, यह तो उनके परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा।

बच्चों में दिखा उत्साह

परीक्षा केंद्रों पर बच्चों को तनावमुक्त माहौल में सवालों के जवाब लिखते हुए देखा गया। सभी बच्चे काफी उत्साहित नजर आ रहे थे और उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में हिस्सा लिया।

अब देखना यह है कि इस नए बदलाव का बच्चों के परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्या वे इस परीक्षा प्रणाली को सफलतापूर्वक अपना पाते हैं।

 

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