केरल चुनाव 2026: फातिमा थाहिलिया ने रचा इतिहास, IUML की पहली महिला विधायक बनीं

केरल विधानसभा चुनाव 2026 में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की जीत के बीच फातिमा थाहिलिया का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्होंने इतिहास रचते हुए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की पहली महिला विधायक बनने का गौरव हासिल किया है।
वामपंथी गढ़ में ऐतिहासिक जीत
फातिमा ने कोझिकोड जिले की पेरम्ब्रा सीट से चुनाव लड़कर 5,087 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने टीपी रामकृष्णन को हराया। खास बात यह है कि यह सीट 1980 से वामपंथियों का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है।
वकालत से राजनीति तक का सफर
34 साल की फातिमा पेशे से वकील हैं और कोझिकोड नगर निगम की पार्षद भी रह चुकी हैं। उन्होंने अपने स्पष्ट विचारों और मेहनत के दम पर राजनीति में मजबूत पहचान बनाई है।
संघर्षों के बीच बनी पहचान
चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें साइबर हमलों और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। हिजाब पहनने को लेकर भी उनकी आलोचना हुई, लेकिन उन्होंने मजबूती से मुकाबला किया और जीत हासिल की। उनका कहना था कि एक महिला और मुस्लिम महिला होने के नाते उन्होंने कई चुनौतियां पार की हैं।
महिलाओं की आवाज को मिली ताकत
IUML ने इस चुनाव में 27 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें फातिमा दो महिला उम्मीदवारों में से एक थीं। उनकी जीत को महिला प्रतिनिधित्व और लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सुधारवादी छवि और नया नेतृत्व
फातिमा थाहिलिया पार्टी के भीतर सुधारवादी आवाज के रूप में जानी जाती हैं। वे छात्र संगठन ‘हरिता’ से उभरकर आई हैं और महिलाओं के अधिकारों को लेकर हमेशा मुखर रही हैं।
उनकी जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि केरल की राजनीति में बदलाव और नए नेतृत्व की मजबूत दस्तक मानी जा रही है।





