सुप्रसिद्ध लेखक पर छेड़छाड़ का आरोप, हिंदी जगत में मचा हड़कंप

दिल्ली। हिंदी साहित्य जगत में इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है। एक नवोदित लेखिका ने सुप्रसिद्ध कवि और दूरदर्शन के पूर्व अपर महानिदेशक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। यह घटना पटना के सूर्यपुरा हाउस में हुई, जहां दोनों को “नई धारा” संस्था द्वारा रेजिडेंटशिप के लिए आमंत्रित किया गया था।
लेखिका के अनुसार, एक रात कवि ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया, जिसका उन्होंने विरोध किया और इसकी शिकायत आयोजकों से की। इसके बाद आरोपी कवि को रेजिडेंसी कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर जाना पड़ा। हालांकि, अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए कवि का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन, राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ ने उन्हें संगठन से निलंबित कर दिया है।
इस घटना के सामने आते ही हिंदी पट्टी के बुद्धिजीवियों में तीखी बहस छिड़ गई है। वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, लेखक प्रियदर्शन और अन्य कई साहित्यकारों ने खुले तौर पर विरोध जताया है। वहीं, प्रसिद्ध लेखक उदय प्रकाश आरोपी के समर्थन में आ गए हैं, जिससे लेखकों के बीच मतभेद और गहराए हैं। लेखिका ने कहा, “मैं निराश नहीं, व्यथित हूं।” यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जनवादी लेखक संघ और अन्य संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और साहित्यिक जगत में महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।





