कांग्रेस में फिर दिखी गुटबाजी, विरोध प्रदर्शन भी अलग – अलग कर रहे नेता

रायपुर। राजधानी रायपुर में पिछले कुछ दिनों से हो रहे धरना, प्रदर्शन आंदोलन और रैली में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच की गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है । मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया के बारे में की गई अशोभनीय टिप्पणी को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन पर भी कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आई । इस मुद्दे पर रायपुर में ही कांग्रेस के तीन अलग-अलग गुटों ने अलग अलग प्रदर्शन किया।
आपको बता दें कि पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय के नेतृत्व में सिविल लाइन थाने में प्रदर्शन करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की । उसके कुछ देर बाद कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के कन्हैया अग्रवाल ने अपने समर्थकों के साथ जय स्तंभ चौक में विजय शाह का पुतला जलाया। इसी दौरान कांग्रेस भवन के सामने पूर्व महापौर प्रमोद दुबे और शहर जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे के नेतृत्व में पुतला दहन किया गया ।
आपको बता दें कि इसी तरह की गुटबाजी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर जब कांग्रेस ने तिरंगा यात्रा निकाली थी, उस वक्त भी देखने को मिली थी । उस दिन उस समय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर में रहने के बावजूद भी यात्रा में शामिल नहीं हुए थे । अगर आज की ही बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तर दौरे पर हैं और बीजापुर पहुंचे हैं तो वहीं कुछ दिनों से बस्तर में मौजूद पीसीसी चीफ दीपक बैज आज रायपुर आए हैं।
कांग्रेस में गुटबाजी का आलम ये है कि वरिष्ठ नेता प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के निर्देश को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। हम आपको बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लोग एक जुटता का परिचय देते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले । हालाकि इस मामले पर कांग्रेस के नेता बोलने से बच रहे हैं। संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि कांग्रेस के सभी संगठन समय परिस्थिति और मुद्दे के अनुसार धरना प्रदर्शन आंदोलन करते हैं।
इस पर तंज करते हुए भाजपा विधायक सुनील सोनी ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस भूपेश कांग्रेस, टीएस कांग्रेस, बैज कांग्रेस और महंत कांग्रेस में बंटी हुई है। सब अपनी अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं पार्टी से किसी को कोई लेना देना नहीं है।





