पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने तक ईवीएम नहीं खोली जाएगी, चुनाव आयोग ने लिया नया फैसला

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनावों से पहले मतदान और मतगणना प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी हाल में ईवीएम तब तक नहीं खोली जाएगी जब तक पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी नहीं हो जाती। यह कदम मतगणना में पारदर्शिता बढ़ाने और संभावित विवादों से बचने के लिए उठाया गया है।
आयोग के अनुसार, पहले आम तौर पर पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी न होने पर भी सुबह 8:30 बजे ईवीएम खोली जाती थी, जिससे मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठते थे। अब इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है और पोस्टल बैलेट की पूरी गिनती होने के बाद ही ईवीएम में दर्ज वोटों की गणना शुरू होगी। यदि किसी क्षेत्र में पोस्टल बैलेट अधिक हैं, तो वहां अतिरिक्त गिनती टेबल लगाई जाएंगी और जरूरत पड़ने पर अधिक कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, ताकि मतगणना में कोई देरी न हो।
पोस्टल बैलेट का प्रयोग उन मतदाताओं के लिए किया जाता है जो अपने चुनाव क्षेत्र में मौजूद नहीं हो पाते, जैसे सरकारी कर्मचारी या 80 साल से अधिक उम्र के लोग। दिव्यांग मतदाता भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है और मतदान प्रक्रिया के दौरान पोस्टल बैलेट पहले गिने जाते हैं, उसके बाद ईवीएम में दर्ज वोटों की गिनती होती है।
पिछले छह महीनों में चुनाव आयोग ने मतदान और मतगणना प्रक्रिया में लगभग 30 बदलाव किए हैं। इनमें प्रत्याशियों की रंगीन फोटो ईवीएम में शामिल करना, बड़े अक्षरों में नाम प्रदर्शित करना और वोटर आईडी के लिए आधार और मोबाइल नंबर को अनिवार्य करना शामिल है। बिना आधार लिंक वाले मोबाइल नंबर वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
आयोग के अनुसार ये सभी कदम मतगणना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वोटरों तथा उम्मीदवारों की सुविधा बढ़ाने के लिए किए जा रहे हैं। विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों और शिकायतों को देखते हुए चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बिहार चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो।





