छत्तीसगढ़ में यूट्यूब के जरिए जासूसी! सोशल मीडिया बना नया हथियार

देश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक का इस्तेमाल अब सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं हो रहा है, बल्कि इसका इस्तेमाल विदेशी खुफिया एजेंसियां भारत की गोपनीय जानकारी चुराने के लिए भी कर रही हैं। कई यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर देश की गुप्त जानकारियां दुश्मन देशों तक पहुंचा रहे हैं और ऐशोआराम की ज़िंदगी जी रहे हैं।
हरियाणा और गुजरात में जासूस गिरफ्तार
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एसटीएफ ने हरकीरत सिंह को पकड़ा है, जो सिख जत्थों को पाकिस्तान भेजने का काम करता था। उस पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का शक है। वहीं, गुजरात में प्रवीण कुमार मिश्रा नामक व्यक्ति को सीआईडी ने गिरफ्तार किया है। वह हनी ट्रैप का शिकार होकर भारतीय मिसाइल और ड्रोन तकनीक की जानकारी पाकिस्तान को दे रहा था।
छत्तीसगढ़ में 300 से ज्यादा पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर सक्रिय!
सूत्रों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में पिछले 30-40 सालों से अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी नागरिक अब सोशल मीडिया के जरिए देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। इनका नेटवर्क पाकिस्तान, दुबई, मलेशिया, टर्की और सिंगापुर से जुड़ा है। ये लोग यूट्यूब चैनलों की आड़ में जासूसी और क्रिकेट सट्टे का धंधा चला रहे हैं।
राजधानी रायपुर के कई इलाकों में संदिग्ध गतिविधियाँ
रायपुर के अवंती विहार, तेलीबांधा, वीआईपी रोड, भनपुरी, गुढ़ियारी, समता कॉलोनी जैसे इलाकों में बड़े यूट्यूबर और इन्फ्लुएंसर क्रिकेट सट्टे की आड़ में देशविरोधी काम कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इनका पैसा पाकिस्तान, टर्की और मलेशिया जैसे देशों से ट्रांसफर होता है।
बांग्लादेशी नागरिक भी फर्जी नाम से रह रहे भारत में
भिलाई में दो साल से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को भी गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी नाम से आधार कार्ड बनाकर रह रही थी। देहरादून और हरिद्वार से भी ऐसे 6 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं, जो फर्जी पहचान से भारत में छिपे हुए थे।
सरकार से जांच की मांग
माना जा रहा है कि अगर केंद्र सरकार NIA या CBI से जांच कराए, तो छत्तीसगढ़ में 300 से ज्यादा पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर और जासूस बेनकाब हो सकते हैं। ये लोग देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा रहे हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की ज़रूरत है।
सोशल मीडिया के इस युग में जासूसी के तरीके भी बदल गए हैं। अब दुश्मन देश कैमरों और गुप्त एजेंटों की जगह यूट्यूब और इंस्टाग्राम के जरिए भारत की गोपनीय जानकारी चुराने में लगे हैं। समय रहते अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह देश की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।





