यूपी में वोटर लिस्ट संशोधन से बदले समीकरण, कम अंतर वाली सीटों पर बड़ा असर

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के बाद कई विधानसभा सीटों पर चुनावी गणित बदलता नजर आ रहा है। खासतौर पर वे सीटें जहां पिछला चुनाव बहुत कम अंतर से तय हुआ था, वहां हजारों वोट कम होने से राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, 2022 के विधानसभा चुनाव में जिन 15 सीटों पर जीत का अंतर 1000 वोटों से कम था, वहां अब 21 हजार से लेकर 72 हजार तक मतदाता सूची से नाम हट गए हैं। इन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच मुकाबला और कड़ा होने की संभावना है।
धामपुर सीट पर पिछली बार 203 वोटों से जीत दर्ज हुई थी, लेकिन अब यहां करीब 29 हजार वोट कम हो गए हैं। इसी तरह कुर्सी सीट पर 217 वोटों के अंतर से जीत मिली थी, जहां अब लगभग 35 हजार मतदाता घट गए हैं। चांदपुर में 234 वोटों के अंतर से जीत तय हुई थी और यहां भी करीब 28 हजार वोट कम हो गए हैं।
नहतौर और रामनगर जैसी सीटों पर भी स्थिति कुछ ऐसी ही है, जहां कुछ सौ वोटों के अंतर से नतीजे आए थे, लेकिन अब हजारों मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। इससे चुनावी परिणामों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
छोटी विधानसभा सीटों पर इसका असर और ज्यादा दिख रहा है। मुरादाबाद नगर में सबसे अधिक करीब 22 प्रतिशत वोट कम हुए हैं, जबकि कटरा सीट पर लगभग 30 प्रतिशत मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। कटरा में पहले कुल मतदाता करीब 1.95 लाख थे, जो अब घटकर लगभग 1.36 लाख रह गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर वोट कम होने से इन सीटों पर मुकाबला और अनिश्चित हो जाएगा। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि हटाए गए मतदाताओं में किस पार्टी के समर्थक ज्यादा शामिल हैं, क्योंकि इससे ही आने वाले चुनावों की दिशा तय होगी।





