बिहार के ‘पीले गोल्ड’ पर EOU की बड़ी कार्रवाई, बालू माफिया के खिलाफ छापेमारी से हड़कंप

पटना। बिहार में मानसून के दौरान लगे बालू खनन प्रतिबंध के बावजूद माफिया अवैध गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे। बुधवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पटना जिले के मनेर और बिहटा इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी कर बालू के अवैध भंडारण का खुलासा किया। कार्रवाई में मनेर के 40 से अधिक स्थानों से करीब 85,670 CFT बालू बरामद किया गया, जो लगभग 400 ट्रकों के बराबर है।
ईओयू की टीम ने बिहटा थाना क्षेत्र के पांडेयचक गांव में भी दो से तीन किलोमीटर क्षेत्र में फैले अवैध बालू स्टॉक का पता लगाया। छापेमारी में दानापुर व फुलवारीशरीफ के एसडीपीओ, जिला खनन पदाधिकारी और कई पुलिस अधिकारी शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान बालू माफिया रणधीर राय के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
इन ठिकानों में रेड
सूत्रों के अनुसार, चौरासी, सुअरमरवां और बिंदौल घाटों से माफियाओं ने एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन कराया और गांवों में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए बालू का भंडारण किया। NGT ने 15 जून से 4 महीने तक नदी घाटों से खनन पर रोक लगा रखी है।
फोर्स के रूप में बी-सैप की तैनाती की गई थी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई, और ग्रामीण भी पुलिस की भारी मौजूदगी से सहम गए। ईओयू ने स्थानीय थानों में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई ‘पीले गोल्ड’ माफिया के खिलाफ बिहार सरकार की सख्ती का प्रतीक बन गई है।





