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न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स बचाने के 4 आसान और प्रभावी तरीके

नई दिल्ली:अगर आप न्यू टैक्स रिजीम को अपनाने का विचार कर रहे हैं, तो अब आप कुछ स्मार्ट उपायों से टैक्स बचा सकते हैं। केंद्र सरकार ने बजट 2025 में न्यू टैक्स सिस्टम के तहत 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर दिया है। डिडक्शन मिलाकर यह सीमा 12.75 लाख तक पहुंचती है। यहां जानिए चार ऐसे उपाय जो इस व्यवस्था में टैक्स बचाने में मदद करेंगे।

1. NPS में निवेश करें:
नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में कंपनी द्वारा बेसिक सैलरी का 14% तक का योगदान टैक्स फ्री होता है (सेक्शन 80CCD(2) के तहत)। अगर आप पहले से SIP के जरिए रिटायरमेंट या बच्चे की पढ़ाई के लिए निवेश कर रहे हैं, तो उसका कुछ हिस्सा NPS में ट्रांसफर करने पर टैक्स की बड़ी बचत हो सकती है। NPS में निवेश पर रिटायरमेंट के समय मिलने वाले कॉर्पस का 60% टैक्स फ्री होता है।

2. EPF में ज्यादा योगदान करें:
EPF में केवल न्यूनतम योगदान तक सीमित न रहें। आप चाहें तो अपनी वास्तविक बेसिक सैलरी का 12% तक का योगदान कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने नियोक्ता से सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग करनी होगी। कंपनी का योगदान टैक्स फ्री होता है, जिससे रिटायरमेंट फंड भी मजबूत होता है।

3. माता-पिता के नाम पर निवेश करें:
अगर आपके माता-पिता की आय नहीं है, तो आप उन्हें गिफ्ट के रूप में पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं। वे इस राशि को FD में निवेश कर सकते हैं। FD पर मिलने वाला ब्याज अगर टैक्स फ्री सीमा (3 लाख रुपये) के भीतर रहता है, तो इस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह एक समझदारी भरी रणनीति है, हालांकि इसमें सावधानी बरतनी जरूरी है।

4. प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम अपनाएं:
अगर आप सैलरीड नहीं हैं, तो सेक्शन 44ADA के तहत 50% आय को ही टैक्सेबल दिखा सकते हैं। इससे टैक्स दायरा काफी कम हो जाता है और खर्चों का रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता नहीं रहती।

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