ओडिशा में महिलाओं की नाइट शिफ्ट पर रोक खत्म, 24 घंटे काम की छूट; बिजनेस और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

ओडिशा सरकार ने राज्य में रोजगार और बिजनेस को प्रोत्साहन देने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। इनमें सबसे अहम फैसला महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति और कार्यस्थलों को 24×7 संचालन की छूट है। अब महिला कर्मचारियों को रात की ड्यूटी के लिए किसी विशेष सरकारी अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
राज्य सरकार ने दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1956 (Shops and Commercial Establishments Act) और फैक्ट्री अधिनियम (Factories Act) में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत अब 20 से अधिक कर्मचारियों वाले किसी भी संस्थान को दिन-रात काम करने के लिए अलग से अनुमति नहीं लेनी होगी। इसके अलावा काम के घंटों को 9 से बढ़ाकर 10 कर दिया गया है, जिसमें 30 मिनट का ब्रेक शामिल होगा।
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने कहा कि इन सुधारों से छोटे और मध्यम व्यवसायियों का बोझ कम होगा और उन्हें प्रक्रियागत नियमों में राहत मिलेगी। इससे उनका समय और संसाधन बचेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से कर्मचारियों की आय में भी बढ़ोतरी होगी, क्योंकि ओवरटाइम का अवसर बढ़ेगा।
सरकार का मानना है कि इन बदलावों से महिलाओं को संगठित और कॉर्पोरेट सेक्टर में अधिक अवसर मिलेंगे। खासकर नाइट शिफ्ट में काम करने की स्वतंत्रता मिलने से महिला कर्मचारियों के लिए रोजगार का दायरा और बढ़ेगा। इससे राज्य में रोजगार सृजन के नए रास्ते खुलेंगे और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
ओडिशा सरकार का यह कदम “Ease of Doing Business” को बढ़ावा देने और उद्योग जगत के लिए राज्य को और आकर्षक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। नाइट शिफ्ट पर लगी पाबंदी खत्म होने से आईटी, बीपीओ और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही 24 घंटे काम की छूट से कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता और सेवाओं का विस्तार आसानी से कर पाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला जहां बिजनेस को नई गति देगा, वहीं रोजगार बाजार में भी सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। खासतौर पर महिलाओं के लिए यह बड़ा अवसर साबित हो सकता है।





