तुर्कमान गेट के पास फैज़-ए-इलाही मस्जिद क्षेत्र से हटाया गया अतिक्रमण, हाई कोर्ट की सुनवाई के बाद एमसीडी की कार्रवाई

पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के एक दिन बाद देर रात की गई। कोर्ट ने इससे पहले इस प्रकरण में संबंधित सभी विभागों से जवाब तलब किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नगर निगम, शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली वक्फ बोर्ड सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने यह भी माना था कि याचिका सुनवाई योग्य है और अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 22 दिसंबर 2025 के आदेश के तहत 0.195 एकड़ भूमि को छोड़कर बाकी हिस्से पर बने निर्माण अवैध हैं। निगम का कहना है कि मस्जिद की प्रबंध समिति या वक्फ बोर्ड की ओर से अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना हक या वैध कब्जे से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसी आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
यह फैसला हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में लिया गया था, जिसमें तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान क्षेत्र में फैले अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसमें सड़क, फुटपाथ, बारात घर, पार्किंग क्षेत्र और एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के हिस्से शामिल बताए गए थे।
मस्जिद समिति का कहना है कि संबंधित जमीन वक्फ संपत्ति है और वह इसके लिए वक्फ बोर्ड को लीज किराया देती है। समिति ने स्पष्ट किया कि अवैध अतिक्रमण हटाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है और बारात घर व क्लिनिक का संचालन पहले ही बंद किया जा चुका है, लेकिन कब्रिस्तान क्षेत्र को लेकर उनकी आपत्ति बनी हुई है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, जबकि पूरे मामले पर सभी पक्षों के जवाब के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।





