भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की कोशिश, यूक्रेन-रूस युद्ध पर भारत की स्थिति साफ

नई दिल्ली: शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने कई अहम मुद्दों पर जानकारी दी, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, यूक्रेन-रूस युद्ध, पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देश एक ऐसी रूपरेखा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे व्यापार में बढ़ोतरी हो सके, बाजार तक पहुंच में सुधार हो और टैरिफ व गैर-टैरिफ बाधाओं को कम किया जा सके।

बांग्लादेश के सलाहकार से पीएम मोदी की मुलाकात पर सवाल

जब रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मिलेंगे, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, जो साझा की जा सके।

अमेरिका में हिरासत में भारतीय विद्वान का मामला

अमेरिका में हिरासत में लिए गए भारतीय विद्वान बदर खान सूरी के मामले पर पूछे जाने पर, प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए इस घटना की जानकारी मिली है। न तो अमेरिकी सरकार और न ही बदर खान सूरी ने भारत सरकार या दूतावास से संपर्क किया है।

यूक्रेन-रूस युद्ध पर भारत का रुख साफ

यूक्रेन-रूस युद्ध के बारे में बात करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख पहले की तरह साफ है। भारत हमेशा संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता रहा है। उन्होंने बताया कि भारत दोनों पक्षों और अन्य हितधारकों से संवाद कर रहा है, ताकि इस मुद्दे का हल निकाला जा सके।

पाकिस्तान पर भारत का सख्त बयान

पाकिस्तान के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि असली समस्या पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देना और उसका प्रायोजन करना है। यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा है।

भारत-कनाडा संबंधों में खटास की वजह

भारत और कनाडा के बीच संबंधों में आई खटास के बारे में भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कनाडा में चरमपंथी और अलगाववादी तत्वों को दी जा रही छूट ही दोनों देशों के रिश्तों में तनाव का कारण है। हालांकि, उम्मीद जताई गई कि आपसी विश्वास और संवेदनशीलता के आधार पर दोनों देशों के बीच संबंध फिर से बेहतर होंगे।

विदेश मंत्रालय के इन बयानों से यह साफ है कि भारत अपनी कूटनीतिक नीतियों को स्पष्ट रूप से सामने रख रहा है और सभी मुद्दों को गंभीरता से ले रहा है।

 

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