रायपुर के थानों में शुरू होगा ई-मालखाना सिस्टम, हर जब्त सामान पर लगेगा यूनिक बारकोड

रायपुर कमिश्नरेट के सभी 21 थानों के मालखानों को अब डिजिटल और एडवांस बनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत सिटी कोतवाली थाने से की गई है, जहां जब्त किए गए हर सामान पर यूनिक बारकोड लगाया जा रहा है। बारकोड स्कैन करते ही यह जानकारी तुरंत सामने आ जाएगी कि सामान किस केस से जुड़ा है, कब जब्त किया गया और मालखाने में किस स्थान पर रखा गया है। इससे सबूतों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
इस पूरे सिस्टम को छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अधिकारी रॉबिन्सन गुड़िया ने तैयार किया है। वर्तमान में वे नारायणपुर के एसपी हैं। यह सॉफ्टवेयर पुलिस विभाग को निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है और छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार और पंजाब पुलिस के कुछ थानों में भी इसका उपयोग शुरू हो चुका है।
बारकोड सिस्टम से आसान होगा रिकॉर्ड प्रबंधन
मालखाना किसी भी आपराधिक मामले में अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि यहां अपराध से जुड़े हथियार, नकदी, ड्रग्स, दस्तावेज और अन्य जब्त सामान सुरक्षित रखे जाते हैं। इन्हें बाद में कोर्ट में सबूत के रूप में पेश किया जाता है। अब तक मैनुअल सिस्टम में किसी केस से जुड़ा सामान ढूंढने में काफी समय लगता था, लेकिन ई-मालखाना सिस्टम के जरिए यह प्रक्रिया कुछ मिनटों में पूरी हो सकेगी।
हर जब्त सामान को अलग यूनिक नंबर और बारकोड दिया जाएगा। यह बारकोड तीन जगहों पर लगाया जा रहा है— जब्त सामान पर, जब्ती पत्रक पर और मालखाना रजिस्टर में। इससे रिकॉर्ड और सामान के बीच डिजिटल लिंक बना रहेगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रम की संभावना कम होगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस सिस्टम से ‘चेन ऑफ कस्टडी’ यानी सबूतों की पूरी निगरानी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी। इससे अदालत में सबूत प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और आसान होगी।
IPS अधिकारी ने अनुभव से तैयार किया सॉफ्टवेयर
IPS रॉबिन्सन गुड़िया ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें एक थाने में काम करने का मौका मिला था, जहां कोर्ट में पेश करने के लिए मालखाने से एक चाकू ढूंढने में काफी समय लग गया। इसी अनुभव के बाद उन्होंने डिजिटल मालखाना सिस्टम बनाने का फैसला किया।
उन्होंने वर्ष 2021 में इस सॉफ्टवेयर पर काम शुरू किया और एक महीने के भीतर इसका बीटा वर्जन तैयार कर लिया। रॉबिन्सन IIT कानपुर से बीटेक कर चुके हैं, इसलिए तकनीकी समझ के कारण सॉफ्टवेयर विकसित करने में उन्हें ज्यादा कठिनाई नहीं हुई।
अब नारायणपुर जिले के सभी थानों में एक समान डिजिटल मालखाना सिस्टम लागू करने की तैयारी है। इसके लागू होने के बाद नारायणपुर राज्य का पहला ऐसा जिला बन जाएगा, जहां सभी थानों में बारकोड आधारित मालखाना प्रबंधन प्रणाली काम करेगी।
हर महीने बचेंगे सैकड़ों घंटे
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह के मुताबिक, पहले किसी केस से जुड़े सामान को मालखाने से निकालने या जमा करने में औसतन एक घंटा लग जाता था। अब बारकोड आधारित सिस्टम में यही काम करीब पांच मिनट में पूरा हो रहा है।
एक थाने में महीनेभर में औसतन 10 बार जब्त सामान या सबूत निकालने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में हर बार करीब 55 मिनट की बचत हो रही है। इस हिसाब से रायपुर कमिश्नरेट के 21 थानों में हर महीने लगभग 200 घंटे तक का समय बचाया जा सकेगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सिस्टम लागू होने से रिकॉर्ड प्रबंधन, ऑडिट और जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज होगी।





