छत्तीसगढ़ अलर्ट के बीच दुर्ग पुलिस का बडा एक्शन: 500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ

दुर्ग। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। शनिवार को जिले में मॉकड्रिल के बाद पुलिस ने संभावित घुसपैठियों और अवैध रूप से रह रहे अप्रवासियों की तलाश में अभियान शुरू किया। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई इलाकों में छापेमारी की गई।
पुलिस की विशेष टीमों ने शारदापारा छावनी, केएलसी खुर्सीपार और जोन-3 खुर्सीपार इलाके में घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच की। कुल 589 लोगों के दस्तावेज चेक किए गए, जिसमें से 154 लोगों के फिंगरप्रिंट लेकर उनका डाटाबेस तैयार किया गया है। इससे पुलिस को भविष्य में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में आसानी होगी।
एएसपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में अभियान
दुर्ग के एएसपी (ग्रामीण) अभिषेक झा ने बताया कि जांच अभियान सीएसपी और एएसपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में किया जा रहा है। शारदापारा छावनी में सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में टीम ने 200 से अधिक लोगों की जांच की। यहां पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड से आए लोग किराए के मकानों में रहते पाए गए। इनमें से 70 लोगों के फिंगरप्रिंट लिए गए हैं।
इसी तरह, केएलसी खुर्सीपार में सीएसपी हरीश पाटिल और जोन-3 खुर्सीपार में डीएसपी हेम प्रकाश नायक की टीम ने 389 नागरिकों के दस्तावेजों की जांच की और 74 लोगों के फिंगरप्रिंट लिए। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा को लेकर जारी अलर्ट के तहत की गई है और आने वाले समय में ऐसे ऑपरेशन और भी इलाकों में किए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की जांच से क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सकेगा।





