जम्मू-कश्मीर में नशा ‘साइलेंट आतंकवाद’, तस्करों पर सख्त कार्रवाई होगी: एलजी मनोज सिन्हा

मनोज सिन्हा ने ड्रग तस्करी को ‘साइलेंट आतंकवाद’ बताते हुए कहा है कि यह युवाओं, परिवारों और पूरे समाज को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने साफ किया कि नशे का कारोबार करने वाले देश के दुश्मन हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
श्रीनगर के TRC फुटबॉल ग्राउंड में ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के कार्यक्रम में बोलते हुए एलजी सिन्हा ने कहा कि महज 22 दिनों में यह अभियान जन आंदोलन बन चुका है। अब हर गली-मोहल्ले में लोग इस बुराई के खिलाफ खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज का सामूहिक संकल्प बन चुका है। माता-पिता, शिक्षक, युवा और सामाजिक संगठन मिलकर इस लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं। एलजी ने धार्मिक नेताओं, इमामों और महिला समूहों से भी सक्रिय भागीदारी की अपील की।
एलजी सिन्हा ने नशे और आतंकवाद के बीच संबंध पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ड्रग्स से मिलने वाला पैसा आतंकवाद को बढ़ावा देने और हथियार खरीदने में इस्तेमाल हो रहा है। यह एक संगठित साजिश है, जो युवाओं को कमजोर करने का काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल से शुरू हुए 100 दिन के अभियान में अब तक 481 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं और 518 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही सैकड़ों वाहनों और संपत्तियों को जब्त किया गया है।
एलजी ने कहा कि प्रशासन तीन स्तर पर काम कर रहा है—नशे की सप्लाई चेन तोड़ना, जागरूकता फैलाना और नशे के शिकार लोगों का पुनर्वास करना। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रशासन की मदद करें और नशा तस्करों की जानकारी साझा करें।
उन्होंने दोहराया कि दोषियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी, जबकि नशे के शिकार लोगों को इलाज और सहानुभूति के जरिए मदद दी जाएगी। यह अभियान जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी लड़ाई के रूप में आगे बढ़ रहा है।





