डोनाल्ड ट्रंप पहुंचे मलेशिया, आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मलेशिया पहुंच गए हैं, जहां वे 47वें आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की एक दशक बाद मलेशिया यात्रा है और ट्रंप की इस देश की पहली आधिकारिक यात्रा भी है। सम्मेलन में करीब दो दर्जन विश्व नेता भाग लेने पहुंचे हैं।
आसियान (ASEAN) में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। इस साल ईस्ट तिमोर को 11वें सदस्य के रूप में जोड़ा गया है। आसियान के कुल जनसंख्या लगभग 67.8 करोड़ और संयुक्त GDP 3.9 ट्रिलियन डॉलर है। ईस्ट तिमोर 2002 में इंडोनेशिया से स्वतंत्र हुआ था और इसकी आबादी लगभग 14 लाख है।
सम्मेलन में सभी सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे, सिवाय म्यांमार के कार्यवाहक राष्ट्रपति वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग के। इस बार के ईस्ट एशिया समिट में अमेरिका, चीन, भारत, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के नेता भी हिस्सा लेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ व्यापार वार्ता करेंगे, जबकि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल रूप से सम्मलेन में जुड़े रहेंगे।
ट्रंप के एजेंडे में व्यापार वार्ता और थाईलैंड-कंबोडिया शांति समझौता शामिल है। इसके अलावा, वे ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से भी मुलाकात कर सकते हैं। अमेरिका की एशिया यात्रा में ट्रंप जापान और दक्षिण कोरिया भी जाएंगे और संकेत दिए गए हैं कि वे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से भी मुलाकात कर सकते हैं।
ईस्ट तिमोर ने 14 साल के अभियान के बाद आधिकारिक तौर पर आसियान में प्रवेश किया। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इसे संगठन के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। देश ने 2022 में ऑब्जर्वर का दर्जा लिया था।
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर का कार्यक्रम भी ट्रंप की निगरानी में होगा। यह समझौता हाल ही में हुई घातक झड़पों के कुछ महीनों बाद संभव हुआ। आसियान शिखर सम्मेलन 26 से 28 अक्टूबर तक कुआलालंपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें सदस्य देश आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
ट्रंप की एशिया यात्रा में आसियान सम्मेलन और शांति समझौते पर रहेगा प्रमुख ध्यान
सम्मेलन के दौरान व्यापार, शांति और क्षेत्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। ट्रंप की यह यात्रा अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के रिश्तों को और मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखी जा रही है।





