संजय कपूर की 30 हजार करोड़ की संपत्ति पर विवाद, करिश्मा कपूर के बच्चों ने कोर्ट का रुख किया

दिल्ली हाईकोर्ट में कारोबारी संजय कपूर की 30 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया है। बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए दावा किया है कि उन्हें पिता की संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिता की तीसरी पत्नी और उनकी सौतेली मां प्रिया सचदेव कपूर ने वसीयत में बदलाव कर पूरी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की और लंबे समय तक वसीयत को छिपाया।
इस विवाद में करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों के साथ संजय कपूर की मां भी हिस्सेदारी की दावेदार हैं। वहीं प्रिया सचदेव कपूर और श्रद्धा सूरी मारवाह भी सामने आई वसीयत के आधार पर अपना दावा ठोंक रही हैं। मामला जटिल होने के चलते अदालत में यह कानूनी लड़ाई लंबी खिंचने की संभावना है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी मृत व्यक्ति की संपत्ति दो तरीकों से बंटती है—पहला, वसीयत के आधार पर और दूसरा, यदि वसीयत नहीं है तो उत्तराधिकार कानून के तहत। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के अनुसार पत्नी, बेटे-बेटियां और मां बराबर के हिस्सेदार होते हैं। यदि एक से अधिक पत्नियां हैं तो सभी जीवित पत्नियां संयुक्त रूप से एक हिस्से की हकदार बनती हैं। तलाकशुदा पत्नी को कोई अधिकार नहीं होता, लेकिन उस पत्नी से जन्मे बच्चों को बराबर का हक मिलता है।
अगर वसीयत वैध है तो संपत्ति का बंटवारा उसी आधार पर होगा, लेकिन परिवार चाहे तो वसीयत को चुनौती दे सकता है। दबाव में लिखी गई, मानसिक संतुलन बिगड़ा होने पर बनाई गई या फर्जी हस्ताक्षरों वाली वसीयत अदालत में खारिज हो सकती है। यदि वसीयत छिपाने या उसमें हेरफेर करने की कोशिश होती है, तो दोषी को आजीवन कारावास या सात साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
साफ है कि संजय कपूर की 30 हजार करोड़ की संपत्ति का यह विवाद भारतीय न्याय व्यवस्था की बड़ी परीक्षा बनेगा। यदि वसीयत वैध साबित हुई तो संपत्ति उसी अनुसार बांटी जाएगी, लेकिन विवादित होने पर यह मामला वर्षों तक खिंच सकता है। करिश्मा कपूर के बच्चों का हिस्सा सुरक्षित रहेगा, जबकि तलाकशुदा पत्नी को कोई अधिकार नहीं मिलेगा।





