धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान: “अजमेर में हिंदुओं के चादर चढ़ाने से मुझे दिक्कत”, कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना

जयपुर। धीरेंद्र शास्त्री ने मंगलवार को पुष्कर में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान एक बयान देकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि अजमेर में हिंदुओं के चादर चढ़ाने से उन्हें आपत्ति है और उनकी इच्छा है कि अजमेर जिले के पुष्कर में एक मठ बनाया जाए, ताकि हिंदू वहां आकर धार्मिक गतिविधियां करें।

शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति सनातनी है। उन्होंने 1977 की फिल्म अमर अकबर एंथोनी का उल्लेख करते हुए कहा कि फिल्म के अंत में तीनों पात्रों के पिता का नाम कन्हैया लाल बताया गया था।

उन्होंने सनातन धर्म को महान बताते हुए कहा कि इसमें महिलाओं की पूजा की जाती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्य—चाहे राम मंदिर निर्माण हो या केदारनाथ धाम का पुनर्विकास—ऐसा काम कोई और नहीं कर सकता। इससे पहले उन्होंने हिंदुओं से कम से कम चार बच्चे पैदा करने की अपील भी की थी।

इस बयान के बाद सियासी प्रतिक्रिया तेज हो गई। टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि जिनके खुद के बच्चे नहीं हैं, वे दूसरों को चार बच्चे पैदा करने की सलाह दे रहे हैं। वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा संतों का राजनीतिक उपयोग करती रही है और अब शास्त्री का सहारा लिया जा रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद भजनलाल शर्मा ने कहा कि पुष्कर के विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और मंदिरों के विकास पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

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