दिल्ली को मिलेगा दीर्घकालिक जल समाधान, लखवार–रेणुकाजी–किशाऊ बांध परियोजनाओं को मिली मंजूरी

दिल्ली के लंबे समय से चले आ रहे जल संकट को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने दशकों से अटकी लखवार, रेणुकाजी और किशाऊ बांध परियोजनाओं को फिर से मंजूरी देकर आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी की पेयजल जरूरतें आने वाले करीब 25 वर्षों तक पूरी हो सकेंगी और यमुना नदी में पर्यावरणीय प्रवाह बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

वर्तमान में दिल्ली में प्रतिदिन करीब 900 मिलियन गैलन पानी का उत्पादन हो रहा है, जबकि मांग 1,113 मिलियन गैलन प्रतिदिन की है। लगभग 10 प्रतिशत आबादी को अब भी पाइप से जल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। ऐसे में ये बांध परियोजनाएं दिल्ली के लिए अहम साबित होंगी।

अनुमान के मुताबिक, लखवार बांध से लगभग 135 मिलियन गैलन प्रतिदिन पानी मिलेगा। रेणुकाजी परियोजना से करीब 275 मिलियन गैलन और किशाऊ परियोजना से लगभग 372 मिलियन गैलन प्रतिदिन पानी की आपूर्ति हो सकेगी। इससे न केवल पानी की कमी दूर होगी, बल्कि यमुना में ई-फ्लो को संतुलित रखने और मौसमी पानी पर निर्भरता कम करने में भी सहायता मिलेगी।

तीनों परियोजनाएं ऊपरी यमुना बेसिन में स्थित हैं और इन्हें मानसून के दौरान बहने वाले अतिरिक्त पानी को संग्रहित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है, जो अब तक बिना उपयोग के बह जाता था। अधिकारियों का अनुमान है कि इन परियोजनाओं से जल आपूर्ति अगले पांच से सात वर्षों में शुरू हो सकती है।

परियोजनाओं की स्थिति की बात करें तो लखवार बांध का करीब 12.61 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है, जिसे 1992 में फंडिंग की कमी के कारण रोक दिया गया था। रेणुकाजी परियोजना फिलहाल टेंडरिंग चरण में है और इसमें 40 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन भी प्रस्तावित है। किशाऊ परियोजना अंतर-राज्यीय सहमति और मंजूरी की प्रक्रिया में है।

अनुमानित समयसीमा के अनुसार, लखवार परियोजना के 2031 तक, रेणुकाजी के 2032 तक और किशाऊ के 2033 तक पूरा होने की संभावना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दिल्ली को स्थायी जल समाधान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button