कांगेर घाटी में हिरण का शिकार, तीर लगने से हाईवे पर तोड़ा दम

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक हिरण का अज्ञात शिकारी ने तीर मारकर शिकार किया, जिससे गंभीर रूप से घायल हिरण तड़पते हुए नेशनल हाईवे-30 पर पहुंच गया और सड़क के बीच ही उसने दम तोड़ दिया। यह दृश्य देख मार्ग से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत वन विभाग और राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों को सूचना दी।
घटना एनएच-30 के पेदावाड़ा चौक के पास की है, जो कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के बीचों-बीच आता है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हिरण का शिकार किसने किया, लेकिन वन विभाग को आशंका है कि पास के किसी गांव के शिकारी द्वारा यह कृत्य किया गया होगा। मामले की जांच और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के एसडीओ कमल तिवारी ने बताया कि हिरण के शरीर में तीर घुसा हुआ मिला है, जिससे साफ है कि यह शिकार की कोशिश थी। हिरण के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसका अंतिम संस्कार किया गया।
तीन से सात साल की सजा
गौरतलब है कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत हिरण का शिकार करना अपराध है, जिसमें 3 से 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना वन्यजीव सुरक्षा और संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।





