दलाई लामा ने मनाया 90वां जन्मदिन, पीएम मोदी और अमेरिका ने दी शुभकामनाएं

धर्मशाला। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने रविवार, 6 जुलाई को अपना 90वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर दुनियाभर से लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “मैं 1.4 अरब भारतीयों के साथ मिलकर दलाई लामा को उनके 90वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। दलाई लामा प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन के प्रतीक हैं। उनका संदेश सभी धर्मों में सम्मान और प्रेरणा देता है। हम उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं।”
अमेरिका ने भी दलाई लामा को जन्मदिन की बधाई दी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बयान में कहा, “अमेरिका तिब्बतियों के मानवाधिकार और मूलभूत स्वतंत्रताओं के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है। हम तिब्बत की भाषाई, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन करते हैं।”
शनिवार को धर्मशाला के मुख्य मंदिर त्सुगलाखंग में दीर्घायु प्रार्थना सभा के बाद दलाई लामा ने कहा, “अब तक मैंने बुद्ध धर्म और तिब्बत के प्राणियों की सेवा अच्छी तरह की है। मैं 130 साल से ज्यादा जीने की आशा करता हूं ताकि लोगों की सेवा कर सकूं।”
उत्तराधिकारी पर विवाद और भारत-चीन तनाव
दलाई लामा द्वारा अपने उत्तराधिकारी पर दिए गए बयान से भारत-चीन के बीच तनाव की आशंका बढ़ गई है। दलाई लामा ने कहा कि उनका पुनर्जन्म चीन के बाहर किसी स्वतंत्र देश में होगा और उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने का अधिकार केवल उनकी संस्था गदेन फोडरंग ट्रस्ट को है।
इसके जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दलाई लामा का पुनर्जन्म बीजिंग सरकार की मंजूरी से ही होगा। चीन की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, “तिब्बती बौद्ध धर्म चीन की विशेषताओं वाला धर्म है और पुनर्जन्म की प्रक्रिया पारंपरिक तरीकों से पूरी होगी, जिसमें गोल्डन अर्न से लॉटरी पद्धति भी शामिल है।”
इस बीच भारत सरकार के मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा, “भारत का रुख साफ है। हम किसी भी धार्मिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।”
चीन ने भारत से इस मुद्दे पर सतर्कता बरतने की सलाह दी। माओ निंग ने कहा, “भारत को 14वें दलाई लामा की अलगाववादी गतिविधियों को समझना चाहिए और तिब्बत से जुड़े मसलों पर अपने वादों का सम्मान करना चाहिए।”





